
PM मोदी के बर्थडे पर सौरव दास का दावा- आंगनवाड़ी को मिला तारीफ करने का आदेश?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर मध्य प्रदेश में आयोजित कार्यक्रमों को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास ने दावा किया है कि मध्य प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मनाने, दीये जलाने और उनकी तथा सरकार की योजनाओं की तारीफ करते हुए वीडियो बनाने के लिए कहा गया। हालांकि, यह दावा सौरव दास द्वारा साझा किए गए एक संदेश पर आधारित है और उपलब्ध रिपोर्टों में इस कथित निर्देश की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
सौरव दास ने क्या दावा किया?
सौरव दास ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा किया। उनके मुताबिक, यह संदेश मध्य प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के तौर पर काम करने वाली एक महिला की बेटी ने उन्हें भेजा था। संदेश में दावा किया गया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ग्रामीण महिलाओं को इकट्ठा करने, दीये जलाने और प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मनाने के साथ-साथ सरकार की योजनाओं की तारीफ करते हुए वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए कहा गया।
साझा किए गए संदेश में यह भी आरोप लगाया गया कि ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। सौरव दास ने इसी आधार पर सरकारी तंत्र के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए और सरकार की आलोचना की।
मध्य प्रदेश में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन यानी 17 सितंबर को बीजेपी के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
मध्य प्रदेश में सरकार की घोषित योजना के मुताबिक 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ चलाया जाना है। अभियान की शुरुआत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से हुई। इसके तहत ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के वार्डों में दीप प्रज्ज्वलन सहित कई गतिविधियां प्रस्तावित थीं।
सरकारी योजना में आंगनवाड़ी तंत्र को भी अभियान की कुछ गतिविधियों से जोड़ा गया है। ‘आंगन का उत्सव’ नाम से 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों पर कार्यक्रम प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के सम्मान तथा महिलाओं और बच्चों से जुड़ी स्वास्थ्य एवं पोषण योजनाओं की जानकारी देने जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
क्या आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को तारीफ का आदेश मिला?
यही इस पूरे विवाद का सबसे अहम सवाल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सौरव दास ने एक कथित संदेश के आधार पर यह आरोप लगाया है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री और उनकी योजनाओं की तारीफ करते हुए वीडियो बनवाने के लिए कहा गया।
लेकिन अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक सरकारी आदेश सामने नहीं आया है, जिसमें स्पष्ट तौर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री की तारीफ वाले वीडियो बनाने का निर्देश दिया गया हो। इसलिए इस दावे को फिलहाल आरोप या दावा के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि स्थापित तथ्य के रूप में।
वहीं, मध्य प्रदेश में ‘आशीर्वाद का दीया’ और ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जुड़े कार्यक्रमों में सरकारी तंत्र और लाभार्थियों की भागीदारी की आधिकारिक योजना जरूर सामने आई है।
सौरव दास ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं का मुद्दा भी उठाया
सौरव दास ने अपने पोस्ट में सिर्फ कथित निर्देश पर सवाल नहीं उठाया, बल्कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्य परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कम मानदेय, काम के दबाव, कर्मचारियों की कमी, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं का हवाला दिया।
उनका तर्क था कि सरकार को कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं को दूर करने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी योजनाओं के प्रचार और प्रधानमंत्री की प्रशंसा के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये सौरव दास के राजनीतिक आरोप और उनकी व्याख्या हैं।
‘आशीर्वाद का दीया’ पर क्यों उठे सवाल?
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर मुख्य सवाल सरकारी मशीनरी की भूमिका और भागीदारी की प्रकृति पर उठ रहे हैं। एक ओर बीजेपी और सरकार की ओर से इसे प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने, सेवा और ‘विकसित भारत’ के संकल्प से जोड़कर पेश किया गया है।
दूसरी ओर, आलोचक यह सवाल उठा रहे हैं कि सरकारी कर्मचारियों, शिक्षण संस्थानों और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े लोगों की भागीदारी कितनी स्वैच्छिक है और कहां प्रशासनिक निर्देश लागू हो रहे हैं। मध्य प्रदेश में अभियान के तहत कई कार्यक्रमों की आधिकारिक योजना है, लेकिन सौरव दास द्वारा लगाए गए विशेष आरोप—यानी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री की तारीफ वाले वीडियो बनवाने का कथित आदेश—की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
विवाद के बीच तथ्य क्या हैं?
फिलहाल तीन बातें अलग-अलग देखना जरूरी है। पहली, मध्य प्रदेश सरकार ने ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक कार्यक्रमों की घोषणा की है। दूसरी, ‘आशीर्वाद का दीया’ के तहत दीप प्रज्ज्वलन की गतिविधियां आयोजित की गईं और आंगनवाड़ी तंत्र भी अभियान की कुछ गतिविधियों में शामिल है। तीसरी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री और उनकी योजनाओं की तारीफ वाले वीडियो बनाने के कथित आदेश का दावा सौरव दास ने एक निजी संदेश के हवाले से किया है, जिसकी आधिकारिक स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में इस पूरे मामले में आगे यदि संबंधित विभाग का लिखित आदेश, सर्कुलर या आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आता है, तो उससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को वास्तव में क्या निर्देश दिए गए थे और उनकी भागीदारी की प्रकृति क्या थी।

