CWG 2026: मीराबाई चानू के आंसुओं पर PM मोदी ने कहा- ‘ऐसा लग रहा था, हर बूंद से गोल्ड मेडल टपक रहा है’

CWG 2026: मीराबाई चानू के आंसुओं पर PM मोदी ने कहा- ‘ऐसा लग रहा था, हर बूंद से गोल्ड मेडल टपक रहा है’

नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का नाम रोशन करने वाली स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू एक बार फिर देशभर में चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने के बाद मीराबाई चानू जब पोडियम पर भावुक हुईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े, तो यह पल हर भारतीय के दिल को छू गया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मीराबाई के इस भावुक पल को याद करते हुए उनसे बेहद खास अंदाज में बात की।

प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान मीराबाई चानू से उनके भावुक होने का कारण पूछा। इसी दौरान पीएम ने मुस्कुराते हुए कहा कि जब वह पोडियम पर रो रही थीं, तो ऐसा लग रहा था जैसे हर आंसू की बूंद से गोल्ड मेडल टपक रहा हो। पीएम मोदी की यह बात सुनकर वहां मौजूद माहौल भी भावुक हो गया।

गोल्ड जीतने के बाद छलक पड़े थे मीराबाई के आंसू

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। गोल्ड जीतने के बाद जब राष्ट्रगान बजा और तिरंगा सबसे ऊपर लहराया, तो मीराबाई अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं। पोडियम पर उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।

मीराबाई ने प्रधानमंत्री को बताया कि वह उस समय बेहद खुश और भावुक थीं। उन्होंने कहा कि पेरिस ओलंपिक में उनका पदक महज एक किलोग्राम के अंतर से छूट गया था। ऐसे में कॉमनवेल्थ गेम्स में दोबारा गोल्ड जीतना उनके लिए बेहद खास और भावनात्मक पल था।

लगातार तीसरी बार जीता कॉमनवेल्थ गोल्ड

मीराबाई चानू की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार गोल्ड मेडल जीता है। 2018 और 2022 के बाद 2026 में भी उन्होंने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इससे पहले 2014 में वह सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं।

2026 के मुकाबले में मीराबाई ने 48 किलोग्राम वर्ग में कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में अपनी शानदार निरंतरता को एक बार फिर साबित किया।

पेरिस ओलंपिक की निराशा को पीछे छोड़ा

मीराबाई के लिए यह गोल्ड सिर्फ एक और मेडल नहीं था, बल्कि पिछली निराशा से उबरने का प्रतीक भी रहा। पेरिस ओलंपिक में वह पदक जीतने से बेहद करीब रह गई थीं। ऐसे में ग्लासगो में शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीतना उनके लिए भावनात्मक उपलब्धि बन गया।

यही वजह है कि गोल्ड जीतने के बाद उनके आंसू सिर्फ खुशी के नहीं थे, बल्कि लंबे संघर्ष, मेहनत और उस अधूरे सपने के पूरे होने की कहानी भी बयां कर रहे थे।

PM मोदी ने की मीराबाई के जज्बे की तारीफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीराबाई चानू की उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें देश के युवाओं और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बताया। पीएम ने इससे पहले भी उनकी ऐतिहासिक जीत पर बधाई देते हुए कहा था कि उनकी सफलता भारतीय वेटलिफ्टिंग में एक नया अध्याय जोड़ती है।

मीराबाई की कहानी उन खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है जो किसी एक असफलता के बाद हार मानने के बजाय लगातार मेहनत करते हैं। उनके करियर में उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने हर चुनौती के बाद वापसी की और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया।

भारत के लिए शानदार रहा CWG 2026

ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने कुल 39 पदक जीते, जिनमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे। इस पदक तालिका में मीराबाई चानू का स्वर्ण पदक भी बेहद महत्वपूर्ण रहा।

मीराबाई की जीत ने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय महिला खिलाड़ी विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं। उनके गोल्ड मेडल के साथ-साथ पोडियम पर छलके आंसुओं ने इस जीत को और भी यादगार बना दिया।

‘हर आंसू में दिख रहा था गोल्ड’

मीराबाई चानू के भावुक पल को याद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी का यह अंदाज सोशल मीडिया और खेल जगत में भी चर्चा का विषय बन गया है। जिस खिलाड़ी ने अपने प्रदर्शन से भारत को गोल्ड दिलाया, उसकी आंखों से निकले आंसुओं में भी प्रधानमंत्री को उसी गोल्ड की चमक नजर आई।

मीराबाई का यह सफर सिर्फ एक मेडल की कहानी नहीं, बल्कि मेहनत, संघर्ष, धैर्य और देश के लिए कुछ कर गुजरने के जज्बे की कहानी है। ग्लासगो का यह गोल्ड उनके शानदार करियर में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ गया है।

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