
संसद मार्च और जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच चिराग पासवान की पार्टी का रिएक्शन, बोली- ‘जिस दिन…’
नई दिल्ली: CJP प्रोटेस्ट और संसद मार्च को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन व्यवस्था और कानून का पालन भी जरूरी है।
LJP (रामविलास) की ओर से कहा गया कि सरकार जनता की समस्याओं को सुनने के लिए हमेशा तैयार है। पार्टी ने यह भी कहा कि किसी भी मुद्दे का समाधान सड़क पर टकराव से नहीं बल्कि बातचीत और संवैधानिक प्रक्रिया के जरिए निकाला जाना चाहिए।
‘जिस दिन व्यवस्था पर भरोसा खत्म हो जाएगा…’
पार्टी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती इसी में है कि लोग अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखें और सरकार उनकी बात सुने। उन्होंने इशारा किया कि जिस दिन लोगों का भरोसा लोकतांत्रिक संस्थाओं से खत्म होगा, वह स्थिति देश के लिए ठीक नहीं होगी।
संसद मार्च को लेकर बढ़ा विवाद
CJP प्रोटेस्ट के दौरान प्रदर्शनकारियों के संसद की ओर बढ़ने के प्रयास के बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इस दौरान आंसू गैस के इस्तेमाल और पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
समाजवादी पार्टी, जन सुराज समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रदर्शनकारियों के साथ हुए व्यवहार को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को दबाने के बजाय संवाद का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
LJP ने रखा अलग रुख
चिराग पासवान की पार्टी ने जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया, वहीं लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान की बात भी कही। पार्टी ने कहा कि हर पक्ष को संयम के साथ आगे बढ़ना चाहिए ताकि किसी भी तरह का टकराव न हो।
फिलहाल CJP प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली का सियासी माहौल गर्म है और सभी राजनीतिक दल अपने-अपने नजरिए से इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

