असम बाढ़: केंद्र से विशेष राहत पैकेज की मांग, पीएम मोदी और अमित शाह से दौरे की अपील

असम बाढ़: केंद्र से विशेष राहत पैकेज की मांग, पीएम मोदी और अमित शाह से दौरे की अपील

गुवाहाटी। असम में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई जिले अब भी जलमग्न हैं, लाखों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं और बाढ़ से जन-धन का भारी नुकसान हुआ है। इस बीच ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) ने केंद्र सरकार से राज्य के लिए विशेष राहत एवं पुनर्वास पैकेज घोषित करने की मांग की है। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से स्वयं असम का दौरा कर हालात का जायजा लेने की अपील भी की है।

AASU का कहना है कि असम हर साल भीषण बाढ़ की मार झेलता है, लेकिन अब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। संगठन ने मांग की है कि केंद्र सरकार इस आपदा को गंभीरता से लेते हुए वैज्ञानिक अध्ययन कराए और ऐसी दीर्घकालिक योजना तैयार करे, जिससे राज्य को हर वर्ष आने वाली बाढ़ से राहत मिल सके। साथ ही बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए विशेष आर्थिक सहायता देने की भी मांग की गई है।

उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के सांसदों के साथ बैठक कर बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार असम सरकार के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग कर रही है तथा प्रभावित लोगों तक सहायता तेजी से पहुंचाने के लिए सभी एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी बताया है कि गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम पहले ही असम का दौरा कर नुकसान का आकलन कर चुकी है और एक अन्य टीम भी प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर रही है, ताकि राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (NDRF) के तहत आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। मंत्रालय के अनुसार एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्यों में लगातार जुटी हुई हैं।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, असम में बाढ़ से अब तक 75 लोगों की मौत हो चुकी है और तीन लाख से अधिक लोग अब भी प्रभावित हैं। कई स्थानों पर पानी उतरना शुरू हुआ है, लेकिन राहत और पुनर्वास की चुनौती अभी भी बनी हुई है। प्रशासन राहत शिविरों, खाद्य सामग्री, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था में जुटा है।

बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों ने भी केंद्र से अतिरिक्त सहायता देने तथा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के जल्द असम दौरे की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि शीर्ष नेतृत्व के दौरे से राहत कार्यों में तेजी आएगी और प्रभावित लोगों का मनोबल भी बढ़ेगा।

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