
लखनऊ अग्निकांड में 15 लोगों की मौत पर एक्शन शुरू, जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंची SIT
लखनऊ। राजधानी के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने मंगलवार को घटनास्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया। टीम ने बिल्डिंग के हर हिस्से का बारीकी से जायजा लिया और आग लगने के कारणों के साथ-साथ सुरक्षा मानकों में हुई संभावित लापरवाही की जांच शुरू कर दी है।
एसआईटी के अधिकारी फॉरेंसिक विशेषज्ञों और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने आग की शुरुआत कहां से हुई, धुआं इतनी तेजी से पूरे भवन में कैसे फैला और बचाव कार्य में किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा, इन सभी पहलुओं की जांच की। प्रारंभिक जानकारी में भवन की संरचना, अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन निकासी व्यवस्था को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
इस हादसे में जान गंवाने वाले अधिकांश लोग छात्र बताए जा रहे हैं। आग लगने के बाद भवन में अफरा-तफरी मच गई थी। कई लोगों ने जान बचाने के लिए ऊंची मंजिलों से छलांग लगा दी, जबकि कई लोग धुएं के कारण अंदर ही फंस गए। राहत एवं बचाव दल ने पड़ोसी भवन की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया और कई लोगों को बाहर निकाला। हादसे में कई लोग घायल भी हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।
घटना के बाद मुख्यमंत्री ने मौके का दौरा कर अधिकारियों से पूरी जानकारी ली और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों के समुचित उपचार के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं विभिन्न विभागों के चार अधिकारियों को प्रथम दृष्टया लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने भवन स्वामियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि संबंधित भवन में अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं, भवन का उपयोग स्वीकृत मानकों के अनुरूप था या नहीं तथा किसी प्रशासनिक या तकनीकी लापरवाही ने इस बड़े हादसे को जन्म दिया। एसआईटी को निर्धारित समय सीमा में अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

