Transactions Charges: बैंक ट्रांसफर से लेकर कार्ड स्वाइप तक कहां लगता है कितना चार्ज? देख लें रेट लिस्ट

Transactions Charges: बैंक ट्रांसफर से लेकर कार्ड स्वाइप तक कहां लगता है कितना चार्ज? देख लें रेट लिस्ट

नई दिल्ली: आज के डिजिटल दौर में पैसे भेजना और भुगतान करना पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया है। UPI से लेकर IMPS, NEFT, RTGS और डेबिट-क्रेडिट कार्ड तक, लोग रोजाना किसी न किसी डिजिटल पेमेंट माध्यम का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि हर तरह के ट्रांजैक्शन का चार्ज एक जैसा नहीं होता?

कई सेवाएं मुफ्त हैं, कुछ पर बैंक शुल्क लेते हैं और कुछ मामलों में शुल्क आपके बैंक, कार्ड या ट्रांजैक्शन के प्रकार पर निर्भर करता है। इसलिए पैसा ट्रांसफर या कार्ड से भुगतान करने से पहले संबंधित बैंक की मौजूदा शुल्क सूची यानी चार्ज रेट देखना जरूरी है।

UPI ट्रांजैक्शन पर कितना चार्ज?

आम तौर पर बैंक खाते से बैंक खाते में किए जाने वाले सामान्य UPI भुगतान पर ग्राहक से कोई शुल्क नहीं लिया जाता। यही वजह है कि छोटे-बड़े भुगतान के लिए UPI सबसे लोकप्रिय डिजिटल पेमेंट माध्यमों में शामिल हो गया है।

हालांकि, UPI से जुड़े सभी लेनदेन को एक ही श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। कुछ विशेष प्रकार के भुगतान या सेवाओं में अलग नियम लागू हो सकते हैं। इसलिए किसी खास सेवा के लिए बैंक या संबंधित ऐप की शर्तें देखना जरूरी है।

NEFT पर कितना शुल्क?

NEFT यानी National Electronic Funds Transfer के जरिए एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में पैसा भेजा जा सकता है।

NEFT के शुल्क बैंक और इस्तेमाल किए गए माध्यम पर निर्भर कर सकते हैं। कई बैंक ऑनलाइन NEFT ट्रांसफर पर ग्राहकों से शुल्क नहीं लेते, जबकि कुछ परिस्थितियों में शुल्क लागू हो सकता है।

खासकर बैंक शाखा से किए जाने वाले लेनदेन के लिए अलग चार्ज हो सकता है। इसलिए अपने बैंक की मौजूदा शुल्क सूची देखना बेहतर है।

RTGS का क्या है चार्ज?

RTGS यानी Real Time Gross Settlement आम तौर पर बड़े मूल्य के फंड ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

ऑनलाइन RTGS पर कई बैंक शुल्क नहीं लेते, लेकिन शाखा के माध्यम से किए जाने वाले कुछ लेनदेन पर बैंक की निर्धारित फीस लागू हो सकती है।

RTGS का इस्तेमाल करते समय न्यूनतम राशि और बैंक की शुल्क नीति जरूर जांच लें।

IMPS पर कितना चार्ज लगता है?

IMPS यानी Immediate Payment Service के जरिए पैसे तुरंत ट्रांसफर किए जा सकते हैं। इसकी खासियत यह है कि यह सेवा 24×7 उपलब्ध रहती है।

IMPS पर लगने वाला शुल्क बैंक और ट्रांसफर की राशि पर निर्भर करता है। कई बैंक अलग-अलग स्लैब के हिसाब से शुल्क तय करते हैं।

इसलिए IMPS करने से पहले अपने बैंक के शुल्क चार्ट में संबंधित राशि की स्लैब देखना जरूरी है।

डेबिट कार्ड से पेमेंट करने पर क्या चार्ज?

दुकान पर डेबिट कार्ड स्वाइप या मशीन पर कार्ड टैप करने के दौरान आम ग्राहक से हर ट्रांजैक्शन पर अलग से शुल्क लेना सामान्य व्यवस्था नहीं है। लेकिन कार्ड से जुड़ी दूसरी सेवाओं पर बैंक शुल्क ले सकता है।

उदाहरण के लिए:

  • कार्ड की सालाना फीस
  • ATM से तय सीमा से अधिक निकासी
  • दूसरे बैंक के ATM के अतिरिक्त इस्तेमाल पर शुल्क
  • अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन से जुड़े शुल्क
  • कुछ विशेष कार्ड सेवाओं के चार्ज

इसलिए केवल ‘कार्ड स्वाइप चार्ज’ देखने के बजाय कार्ड की पूरी शुल्क सूची देखना जरूरी है।

क्रेडिट कार्ड से भुगतान पर क्या लगता है?

क्रेडिट कार्ड से दुकान या ऑनलाइन भुगतान करते समय ग्राहक से सामान्य खरीदारी पर अलग से कार्ड स्वाइप फीस वसूलना हर स्थिति में सामान्य नियम नहीं है। लेकिन कार्ड पर सालाना फीस, लेट पेमेंट चार्ज, कैश एडवांस फीस और अन्य शुल्क लागू हो सकते हैं।

क्रेडिट कार्ड बिल समय पर नहीं चुकाने पर ब्याज और अन्य शुल्क भी लग सकते हैं। इसलिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय भुगतान की अंतिम तारीख का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

ATM से पैसे निकालने पर चार्ज

अपने बैंक के ATM से निर्धारित मुफ्त सीमा के भीतर नकद निकासी आम तौर पर बिना अतिरिक्त शुल्क के होती है। लेकिन मुफ्त सीमा पार होने के बाद शुल्क लग सकता है।

दूसरे बैंक के ATM के इस्तेमाल पर भी नियम और शुल्क अलग हो सकते हैं। ये शुल्क आपके बैंक, खाते के प्रकार और RBI द्वारा तय लागू नियमों पर निर्भर करते हैं।

इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन में ज्यादा सावधानी

अगर आप विदेश में कार्ड से भुगतान करते हैं या विदेशी मुद्रा में ट्रांजैक्शन करते हैं, तो सामान्य घरेलू भुगतान से अलग शुल्क लागू हो सकते हैं।

इनमें विदेशी मुद्रा रूपांतरण शुल्क, करेंसी कन्वर्जन से जुड़े शुल्क और कार्ड नेटवर्क से जुड़े अन्य चार्ज शामिल हो सकते हैं।

इसलिए विदेश यात्रा से पहले अपने कार्ड की international transaction fee जरूर जांच लें।

क्या सभी बैंकों के चार्ज एक जैसे होते हैं?

नहीं। यही सबसे महत्वपूर्ण बात है। एक ही तरह के ट्रांजैक्शन पर अलग-अलग बैंक अलग शुल्क ले सकते हैं। वहीं कुछ बैंक डिजिटल माध्यम से किए गए ट्रांसफर पर शुल्क नहीं लेते, जबकि शाखा से किए गए लेनदेन पर फीस हो सकती है।

इसके अलावा आपके खाते का प्रकार—जैसे सेविंग अकाउंट, करंट अकाउंट या किसी विशेष प्रीमियम खाते—के आधार पर भी शुल्क अलग हो सकते हैं।

एक नजर में समझें

ट्रांजैक्शन संभावित चार्ज
UPI बैंक अकाउंट से भुगतान सामान्य P2P भुगतान आम तौर पर मुफ्त
NEFT बैंक/माध्यम के अनुसार
RTGS बैंक/माध्यम के अनुसार
IMPS बैंक और राशि के अनुसार
डेबिट कार्ड भुगतान सामान्य खरीदारी में ग्राहक से अलग फीस सामान्यतः नहीं
क्रेडिट कार्ड कार्ड की शर्तों के अनुसार
ATM निकासी मुफ्त सीमा के बाद शुल्क संभव
इंटरनेशनल कार्ड ट्रांजैक्शन विदेशी मुद्रा/कार्ड शुल्क संभव

पैसा भेजने से पहले ये चीजें जरूर देखें

ट्रांजैक्शन करने से पहले बैंक की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर Schedule of Charges (SoC) यानी शुल्क सूची देखना सबसे सुरक्षित तरीका है।

खासकर इन चीजों की जांच करें:

1. ट्रांसफर का माध्यम क्या है?
NEFT, RTGS और IMPS की फीस अलग हो सकती है।

2. ट्रांसफर ऑनलाइन है या शाखा से?
कई बैंकों में दोनों के लिए अलग शुल्क व्यवस्था होती है।

3. आपका अकाउंट कौन-सा है?
खाते की श्रेणी के अनुसार शुल्क बदल सकते हैं।

4. मुफ्त सीमा कितनी है?
ATM और कुछ अन्य सेवाओं में मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा हो सकती है।

5. GST शामिल है या अलग?
जहां सेवा शुल्क लागू है, वहां टैक्स भी जुड़ सकता है।

निष्कर्ष

डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच ट्रांजैक्शन चार्ज को समझना जरूरी है। UPI से लेकर NEFT, RTGS, IMPS और कार्ड तक हर सेवा के नियम अलग हो सकते हैं।

इसलिए किसी एक ‘ऑल इंडिया रेट लिस्ट’ को देखकर शुल्क तय करना सही नहीं होगा। सबसे सटीक चार्ज आपके बैंक, खाते के प्रकार, ट्रांजैक्शन के माध्यम और रकम पर निर्भर करता है।

अगर आप कोई खास बैंक—जैसे SBI, HDFC Bank, ICICI Bank, PNB या Bank of Baroda—का नाम बताएं, तो उसकी मौजूदा NEFT, RTGS, IMPS, ATM और कार्ड चार्ज की पूरी रेट लिस्ट अलग से देखी जा सकती है।

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