
NEET विवाद पर जयपुर में कैंडल मार्च, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
नीट परीक्षा से जुड़े विवाद और छात्रों की आत्महत्या के मामलों को लेकर जयपुर में कांग्रेस सेवादल ने कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च पीसीसी कार्यालय से शहीद स्मारक तक आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कैंडल मार्च का नेतृत्व सेवादल प्रदेश अध्यक्ष हेमसिंह शेखावत ने किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, विधायक रफीक खान, योगिता शर्मा, भरत मेघवाल और सारिका सिंह सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
मार्च में शामिल नीमकाथाना सेवादल जिला अध्यक्ष संयोग भावरिया ने कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को लेकर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक कांग्रेस सेवादल छात्रों के बीच जन-जागरण अभियान चलाएगी और आंदोलन जारी रखेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव के कारण कई अभ्यर्थियों ने अपनी जान गंवाई है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर गंभीरता से कदम उठाने और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की।
कैंडल मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की।

