सरकार ने की कॉकरोच जनता पार्टी से बात करने की कोशिश? संसद मार्च से ठीक पहले किसने किया बड़ा दावा

सरकार ने की कॉकरोच जनता पार्टी से बात करने की कोशिश? संसद मार्च से ठीक पहले किसने किया बड़ा दावा

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई। इसी बीच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि संसद मार्च से पहले सरकार की ओर से उनसे संपर्क करने और बातचीत का प्रयास किया गया था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी अपनी प्रमुख मांगों पर अडिग है और केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहती है।

अभिजीत दीपके ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य युवाओं, शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, रोजगार, लोकतांत्रिक अधिकारों और अन्य जनहित के मुद्दों को संसद तक पहुंचाना है। उनका कहना था कि यदि सरकार वास्तव में समाधान चाहती है तो सार्वजनिक रूप से वार्ता कर मांगों पर स्पष्ट निर्णय ले।

दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई थी और प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोकने की तैयारी पहले से ही कर ली गई थी। उन्होंने दावा किया कि सरकार बातचीत की बात कर रही है, लेकिन दूसरी ओर प्रदर्शन पर सख्ती भी दिखाई जा रही है।

वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि संसद सत्र के दौरान संसद भवन और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस के अनुसार संसद मार्च के लिए अनुमति नहीं दी गई थी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसी कारण जंतर-मंतर, संसद मार्ग और विजय चौक सहित कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई।

मार्च शुरू होने के बाद जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग के जरिए रोका गया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई और कई जगह तनावपूर्ण स्थिति बन गई। पुलिस ने भीड़ को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बल प्रयोग किया, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुए।

कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह अहिंसक है और उनका उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को संसद तक पहुंचाना है। पार्टी ने अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने की अपील भी की।

हालांकि, सरकार की ओर से अब तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि संसद मार्च से पहले CJP नेतृत्व से औपचारिक बातचीत की गई थी। इसलिए यह दावा फिलहाल पार्टी की ओर से किया गया बयान है, जिसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

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