पिछले साल देशभर में इतने बच्चों को मिला नया परिवार, जानें गोद लेने के ताज़ा आंकड़े

पिछले साल देशभर में इतने बच्चों को मिला नया परिवार, जानें गोद लेने के ताज़ा आंकड़े

नई दिल्ली: भारत में कानूनी तौर पर बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया में पिछले साल उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल 2025 से मार्च 2026) के दौरान देशभर में 5,022 बच्चों को गोद लिया गया, जो पिछले एक दशक में सबसे अधिक संख्या है।

आंकड़ों के मुताबिक, दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया में सबसे बड़ी हिस्सेदारी घरेलू (इन-कंट्री) गोद लेने की रही। वहीं, विशेष आवश्यकता (Special Needs) वाले बच्चों को गोद लेने के मामलों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में ऐसे बच्चों के दत्तक ग्रहण में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और कुल 392 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को नया परिवार मिला।

हालांकि, इन सकारात्मक आंकड़ों के बावजूद देश में दत्तक ग्रहण प्रणाली के सामने कई चुनौतियां बनी हुई हैं। CARA के अनुसार, वर्तमान में करीब 26,000 संभावित दत्तक अभिभावक (Prospective Adoptive Parents) बच्चों को गोद लेने के लिए प्रतीक्षा सूची में हैं। दूसरी ओर, 0 से 2 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की उपलब्धता अपेक्षाकृत कम होने के कारण प्रतीक्षा अवधि लंबी बनी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि कानूनी दत्तक ग्रहण को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ने, ऑनलाइन प्रक्रिया के विस्तार और राज्यों में दत्तक ग्रहण एजेंसियों की संख्या बढ़ने से पिछले कुछ वर्षों में गोद लेने के मामलों में लगातार सुधार देखने को मिला है। सरकार भी अधिक बच्चों को परिवार उपलब्ध कराने के लिए पहचान अभियान और प्रक्रिया को सरल बनाने पर काम कर रही है।

पिछले वर्षों के प्रमुख आंकड़े

  • 2023-24: 4,029 दत्तक ग्रहण (3,580 घरेलू, 449 अंतरदेशीय)
  • 2024-25: 4,515 दत्तक ग्रहण (4,155 घरेलू, 360 अंतरदेशीय)
  • 2025-26: 5,022 दत्तक ग्रहण — एक दशक का सबसे ऊंचा आंकड़ा।

विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते आंकड़े सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन जरूरत इस बात की है कि अधिक से अधिक पात्र बच्चों को कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से परिवार मिल सके और दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया को और तेज़, पारदर्शी तथा सुगम बनाया जाए।

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