
नरहरपुर कांड में तीन आरोपियो की जमानत मंजूर
कोर्ट में नहीं टिकी राजस्व व पुलिस की कहानी,उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने बेल देना माना जायज
सुलतानपुर। डॉ भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा से जुड़े नरहरपुर कांड में जेल भेजे गए तीन आरोपियो की तरफ से पेश की गई जमानत अर्जी पर सोमवार को एफटीसी द्वितीय की अदालत में बहस हुई। फास्ट ट्रैक कोर्ट जज स्वतंत्र प्रकाश की अदालत ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता रणजीत सिंह त्रिसुंडी के तर्कों को सुनने के पश्चात मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी रमेश यादव, बृजेश यादव व विजय शंकर यादव की जमानत अर्जी स्वीकार कर लिया है। अदालत ने तीनों आरोपियो को सशर्त रिहा करने का आदेश दिया है।
अमेठी जिले के रामगंज थाने के नरहरपुर गांव के हल्का लेखपाल अरबिंद सिंह ने सरकारी भूमि पर डॉ भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा रखकर अतिक्रमण करने की सूचना उच्चाधिकारियों को दिया था। आरोप के मुताबिक प्रशासन ने आरोपियो को अतिक्रमण करने से मना किया था। बावजूद इसके आरोपियो के जरिए अतिक्रमण के इरादे से चबूतरे का निर्माण करने का आरोप है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक आरोपियो को अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया तो वह लोग नहीं माने। आरोप के मुताबिक 11 अप्रैल को प्रशासन अतिक्रमण हटवाने गया तो आरोपियो ने उन पर हमला बोल दिया। मामले में स्थानीय थाने के नरहरपुर गांव के ग्राम प्रधान धनन्जय यादव सहित कई नामजद व कई अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और कई आरोपियो को जेल भेजने की कार्रवाई की गई। मामले में आरोपी रमेश यादव व सगे भाई बृजेश यादव व विजय शंकर यादव की तरफ से जमानत अर्जी पेश की गई थी। जिस पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने पुलिस व राजस्व टीम को निराधार बताया और फर्जी तरीके से फंसाने का तर्क पेश किया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियो की जमानत मंजूर कर लिया है।

