
*नीमराना की ऐतिहासिक बावड़ी: विरासत संरक्षण की बाट जोहता जल का अद्भुत नमूना*
*नीमराना की ऐतिहासिक बावड़ी: विरासत संरक्षण की बाट जोहता जल का अद्भुत नमूना*
रिपोर्टर (शिंभू सिंह शेखावत)
नीमराना, कोटपूतली-बहरोड़। करीब 300 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक बावड़ी रखरखाव के अभाव में जर्जर होती जा रही है। चौहानकालीन इस सात मंजिला बावड़ी में 170 से अधिक सीढ़ियां हैं और यह जल संरक्षण व राजपूताना स्थापत्य कला का उत्कृष्ट नमूना मानी जाती है।
वर्तमान में बावड़ी की सीढ़ियां टूट चुकी हैं, दीवारों का प्लास्टर उखड़ रहा है तथा आसपास गंदगी फैली हुई है। स्थानीय लोगों ने इसके संरक्षण और पर्यटन स्थल के रूप में विकास की मांग की है।
जिला प्रशासन ने बावड़ी का निरीक्षण कर संरक्षण के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। पुरातत्व विभाग का कहना है कि बजट स्वीकृत होते ही जीर्णोद्धार कार्य शुरू किया जाएगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि संरक्षण होने पर यह धरोहर नीमराना पर्यटन का प्रमुख आकर्षण बन सकती है।

