
Moradabad Farming: मुरादाबाद के किसानों ने छोड़ी धान की खेती, अब ‘कमल’ की खेती से कमा रहे लाखों रुपये
मुरादाबाद के कई किसानों ने पारंपरिक धान की खेती से दूरी बनाकर अब कमल की खेती का रास्ता चुना है। कम पानी, बढ़ती लागत और मेहनत के मुकाबले कम मुनाफे के कारण किसानों ने खेती के तरीके में बदलाव किया है। अब कमल की खेती उनके लिए कमाई का नया जरिया बन रही है।
किसानों का कहना है कि धान की खेती में सिंचाई, खाद और मजदूरी पर ज्यादा खर्च आता है, जबकि कमल की खेती में मेहनत के साथ बेहतर आमदनी मिलने की उम्मीद रहती है। तालाबों और जलभराव वाली जमीन का इस्तेमाल कर किसान कमल के फूल और उससे जुड़े उत्पादों से अच्छी कमाई कर रहे हैं।
कृषि क्षेत्र में यह बदलाव किसानों की नई सोच को दिखाता है। कमल की खेती न सिर्फ अतिरिक्त आय का साधन बन रही है, बल्कि कम इस्तेमाल होने वाली जमीन का बेहतर उपयोग भी कर रही है। मुरादाबाद के किसानों का यह प्रयोग अब दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।

