Can Bigger Thighs Help You Live Longer: क्या बड़ी जांघों से बढ़ती है उम्र? इस स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Can Bigger Thighs Help You Live Longer: क्या बड़ी जांघों से बढ़ती है उम्र? इस स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

नई दिल्ली। क्या आपकी जांघों का आकार भी आपकी सेहत और लंबी उम्र से जुड़ा हो सकता है? सुनने में यह बात थोड़ी अजीब लग सकती है, लेकिन कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में थाई सर्कमफेरेंस (thigh circumference) और मृत्यु के जोखिम के बीच संबंध पाया गया है। हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सिर्फ जांघों को बड़ा करने से उम्र बढ़ाई जा सकती है।

एक बड़े मेटा-एनालिसिस में पाया गया कि जिन लोगों की जांघों की परिधि अधिक थी, उनमें कुल मृत्यु का जोखिम अपेक्षाकृत कम था। लेकिन शोधकर्ताओं ने इसे सीधा कारण-और-परिणाम संबंध नहीं बताया है।

स्टडी में क्या सामने आया?

BMJ में प्रकाशित एक systematic review और dose-response meta-analysis में 72 prospective cohort studies और करीब 25 लाख प्रतिभागियों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने शरीर के अलग-अलग हिस्सों की परिधि और मृत्यु के जोखिम के बीच संबंध को देखा।

थाई सर्कमफेरेंस के मामले में तीन cohort studies के करीब 25,412 प्रतिभागियों के आंकड़े शामिल थे। विश्लेषण में पाया गया कि जांघ की परिधि में 5 सेंटीमीटर की वृद्धि कुल मृत्यु के 18% कम जोखिम से जुड़ी थी।

लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात है—यह association है, यानी दोनों के बीच संबंध देखा गया है। इससे यह साबित नहीं होता कि जांघ बड़ी करने से सीधे उम्र बढ़ जाएगी।

आखिर बड़ी जांघों का फायदा क्यों हो सकता है?

वैज्ञानिकों का एक संभावित अनुमान है कि जांघों का आकार शरीर में मौजूद मांसपेशियों (muscle mass) का संकेत हो सकता है। खासकर पैरों की मांसपेशियां शरीर की शारीरिक सक्रियता और metabolic health में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

एक अन्य cohort study में भी पाया गया कि हर 1 सेंटीमीटर अधिक thigh circumference कम all-cause mortality और cardiovascular mortality risk से जुड़ा था।

हालांकि, सिर्फ जांघ की मोटाई देखकर किसी व्यक्ति की मांसपेशियों की मात्रा या स्वास्थ्य का सही अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

बहुत पतली जांघों को लेकर क्या कहा गया?

2009 में BMJ में प्रकाशित एक prospective cohort study में 2,816 पुरुषों और महिलाओं का अध्ययन किया गया था। इसमें छोटी thigh circumference को cardiovascular disease और premature death के अधिक जोखिम से जोड़ा गया।

शोधकर्ताओं ने लगभग 60 सेंटीमीटर के आसपास एक threshold का संकेत दिया था, जिसके नीचे जोखिम अधिक दिखाई दिया। लेकिन इस अध्ययन में यह भी पाया गया कि उस सीमा के ऊपर जांघों को और बड़ा करने से अतिरिक्त लाभ स्पष्ट नहीं था।

इसलिए यह कहना गलत होगा कि “जितनी बड़ी जांघ, उतनी लंबी जिंदगी।”

क्या जांघों की चर्बी फायदेमंद है?

यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। बड़ी जांघ का मतलब हमेशा ज्यादा मांसपेशियां नहीं होता। जांघ का आकार मांसपेशियों, वसा और शरीर की बनावट—तीनों से प्रभावित हो सकता है।

इसलिए स्टडी के नतीजों को यह कहकर समझना सही नहीं होगा कि ज्यादा फैट जमा करने से उम्र बढ़ती है।

इसके विपरीत, उसी बड़े meta-analysis में कमर की अधिक परिधि और central obesity को मृत्यु के ज्यादा जोखिम से जोड़ा गया था।

तो क्या पतली जांघ वाले लोग ज्यादा खतरे में हैं?

जरूरी नहीं। किसी व्यक्ति की thigh circumference अकेले उसकी सेहत या जीवन प्रत्याशा तय नहीं करती।

उम्र, BMI, शारीरिक गतिविधि, खान-पान, smoking, blood pressure, diabetes, cardiovascular health और कई अन्य factors भी स्वास्थ्य और mortality risk को प्रभावित करते हैं।

इसलिए जांघों का आकार केवल एक संभावित health marker के रूप में देखा जाना चाहिए, कोई निश्चित भविष्यवाणी करने वाला पैमाना नहीं।

असली फोकस होना चाहिए पैरों की ताकत पर

अगर इस रिसर्च से कोई व्यावहारिक संदेश निकलता है, तो वह यह है कि स्वस्थ मांसपेशियां और नियमित physical activity महत्वपूर्ण हैं।

Walking, cycling, squats, strength training और रोजमर्रा की शारीरिक गतिविधियां पैरों की मांसपेशियों को मजबूत रखने में मदद कर सकती हैं। लेकिन किसी खास thigh size को हासिल करना स्वास्थ्य का लक्ष्य नहीं होना चाहिए।

निष्कर्ष

बड़ी जांघें और लंबी उम्र के बीच संबंध जरूर देखा गया है, लेकिन यह साबित नहीं हुआ कि बड़ी जांघें सीधे उम्र बढ़ाती हैं। संभव है कि बेहतर muscle mass, physical fitness और metabolic health इस संबंध में भूमिका निभाते हों।

इसलिए सिर्फ जांघों का आकार देखकर अपनी सेहत का फैसला न करें। मजबूत मांसपेशियां, नियमित व्यायाम, संतुलित खान-पान और स्वस्थ वजन—लंबी और स्वस्थ जिंदगी के लिए कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

नोट: यह सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है, व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह नहीं।

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