
Gallbladder Stones: पित्त की थैली में कैसे बनती है पथरी? जानें लक्षण और इलाज
नई दिल्ली। पित्त की थैली यानी Gallbladder शरीर के पाचन तंत्र का एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण अंग है। यह लिवर द्वारा बनाए गए पित्त (Bile) को जमा करके रखती है, जो खासतौर पर वसा वाले भोजन को पचाने में मदद करता है। कई बार इसी पित्त में मौजूद पदार्थ जमकर छोटे-छोटे कण या पत्थर का रूप ले लेते हैं। इन्हें Gallstones यानी पित्त की पथरी कहा जाता है।
पित्त की पथरी कई लोगों में बिना किसी लक्षण के भी मौजूद रह सकती है। लेकिन जब पथरी पित्त की नली को ब्लॉक करती है, तब तेज दर्द और दूसरी परेशानियां शुरू हो सकती हैं।
पित्त की थैली में पथरी कैसे बनती है?
पित्त में मुख्य रूप से कोलेस्ट्रॉल, पित्त लवण और बिलीरुबिन जैसे पदार्थ होते हैं। जब इनमें असंतुलन पैदा होता है और कोई पदार्थ जरूरत से ज्यादा जमा होने लगता है, तो धीरे-धीरे क्रिस्टल बन सकते हैं। समय के साथ यही क्रिस्टल पथरी का रूप ले लेते हैं।
Gallstones मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं:
- कोलेस्ट्रॉल स्टोन – इनमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा होती है और ये सबसे आम प्रकार की पथरी हैं।
- पिगमेंट स्टोन – इनमें बिलीरुबिन की मात्रा अधिक होती है।
पथरी एक ही हो सकती है या पित्त की थैली में कई छोटी-बड़ी पथरियां भी बन सकती हैं।
किन लोगों में खतरा ज्यादा होता है?
पित्त की पथरी किसी को भी हो सकती है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसका जोखिम बढ़ सकता है। इनमें मोटापा, तेजी से वजन कम होना, अधिक वजन, उम्र बढ़ना, महिलाओं में कुछ हार्मोनल स्थितियां, परिवार में पित्त की पथरी का इतिहास और कुछ बीमारियां शामिल हैं।
हालांकि, सिर्फ इन कारणों में से किसी एक की मौजूदगी का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को पथरी जरूर होगी।
Gallbladder Stones के लक्षण क्या हैं?
कई लोगों को पित्त की पथरी होने के बावजूद कोई परेशानी नहीं होती। इसे अक्सर silent gallstones कहा जाता है और इनका पता किसी दूसरी जांच के दौरान चलता है।
जब पथरी पित्त की नली को रोकती है, तो ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
- पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में तेज दर्द
- अचानक शुरू होने वाला पेट दर्द
- दर्द का पीठ या दाहिने कंधे तक पहुंचना
- खासतौर पर भारी या वसायुक्त भोजन के बाद दर्द बढ़ना
- जी मिचलाना या उल्टी
- पेट में भारीपन या असहजता
दर्द कुछ मिनटों से लेकर कई घंटों तक रह सकता है।
किन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर पेट दर्द के साथ बुखार, ठंड लगना, लगातार उल्टी, त्वचा या आंखों का पीला होना, गहरे रंग का पेशाब या बहुत तेज और लगातार दर्द हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ऐसे लक्षण पित्त की थैली या पित्त की नली में गंभीर संक्रमण अथवा रुकावट जैसी समस्या का संकेत हो सकते हैं और तत्काल चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
पथरी की जांच कैसे होती है?
Gallstones की जांच के लिए डॉक्टर मरीज के लक्षण और मेडिकल हिस्ट्री के साथ शारीरिक जांच करते हैं। इसके बाद जरूरत के अनुसार अल्ट्रासाउंड कराया जा सकता है, जो पित्त की थैली की पथरी का पता लगाने के लिए आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली जांच है।
कुछ परिस्थितियों में डॉक्टर ब्लड टेस्ट, CT scan, MRI/MRCP या अन्य जांच भी सलाह दे सकते हैं, खासकर तब जब पित्त की नली में रुकावट या दूसरी जटिलता का संदेह हो।
पित्त की पथरी का इलाज क्या है?
अगर पथरी है लेकिन कोई लक्षण या जटिलता नहीं है, तो हर मामले में तत्काल इलाज की जरूरत नहीं होती। डॉक्टर स्थिति के अनुसार निगरानी की सलाह दे सकते हैं।
लेकिन बार-बार दर्द, पित्त की थैली में सूजन या दूसरी जटिलताओं की स्थिति में डॉक्टर Gallbladder removal surgery यानी cholecystectomy की सलाह दे सकते हैं।
आजकल ज्यादातर मामलों में यह सर्जरी लैप्रोस्कोपिक तकनीक से की जाती है। इसमें छोटे चीरे लगाकर पित्त की थैली को निकाला जाता है।
कुछ विशेष परिस्थितियों में दवाओं से कोलेस्ट्रॉल वाली छोटी पथरी को घोलने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन यह इलाज हर मरीज के लिए प्रभावी या उपयुक्त नहीं होता।
क्या खान-पान से पथरी ठीक हो सकती है?
खान-पान में बदलाव से पथरी बनने के जोखिम और लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है, लेकिन मौजूद पथरी को घरेलू नुस्खों से घोल देना संभव नहीं माना जाता।
फैटी और बहुत तला-भुना भोजन कुछ लोगों में दर्द को ट्रिगर कर सकता है। संतुलित आहार, पर्याप्त फाइबर और स्वस्थ वजन बनाए रखना फायदेमंद हो सकता है। वहीं बहुत तेजी से वजन घटाने वाली डाइट से बचना चाहिए।
क्या पित्त की थैली निकलने के बाद सामान्य जीवन संभव है?
हां। जरूरत पड़ने पर पित्त की थैली निकालने के बाद भी ज्यादातर लोग सामान्य जीवन जी सकते हैं। पित्त लिवर बनाता रहता है और सीधे आंत में जाता है।
कुछ लोगों को सर्जरी के बाद कुछ समय तक भोजन पचाने में बदलाव, खासकर बहुत अधिक वसायुक्त भोजन के बाद, महसूस हो सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह के अनुसार खान-पान में बदलाव किया जाता है।
ध्यान रखें
पेट में बार-बार होने वाले दर्द को सिर्फ गैस या अपच समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। Gallbladder stone का इलाज पथरी के आकार से ज्यादा उसके लक्षण, स्थान और उससे पैदा हुई जटिलताओं पर निर्भर करता है। इसलिए लगातार या तेज दर्द होने पर डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।
नोट: यह सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है, व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह नहीं। लक्षण होने पर योग्य डॉक्टर/गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से परामर्श लें।

