
15 साल बड़े शादीशुदा डायरेक्टर से शादी, शराब की लत ने बढ़ाईं मुश्किलें, 39 की उम्र में दुनिया छोड़ गईं मीना कुमारी की दर्दभरी कहानी
मुंबई: हिंदी सिनेमा की ‘ट्रेजेडी क्वीन’ के नाम से मशहूर Meena Kumari का जीवन जितना शानदार फिल्मों में दिखाई दिया, असल जिंदगी में उतना ही दर्द और संघर्ष से भरा रहा। पर्दे पर अपनी भावुक अदाकारी से लाखों दिल जीतने वाली मीना कुमारी की निजी जिंदगी अकेलेपन, टूटते रिश्तों और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से घिरी रही।
बचपन से शुरू हुआ संघर्ष
1 अगस्त 1933 को जन्मीं मीना कुमारी का असली नाम महजबीन बानो था। आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने बहुत कम उम्र में फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया। बाल कलाकार के रूप में करियर की शुरुआत करने वाली मीना ने आगे चलकर हिंदी सिनेमा की सबसे सफल अभिनेत्रियों में अपनी जगह बनाई।
15 साल बड़े शादीशुदा निर्देशक से किया निकाह
मीना कुमारी ने अपने से करीब 15 साल बड़े मशहूर फिल्म निर्देशक और लेखक Kamal Amrohi से गुपचुप निकाह किया। उस समय कमाल अमरोही पहले से शादीशुदा थे और उनके बच्चे भी थे। दोनों का रिश्ता शुरुआत में बेहद मजबूत रहा, लेकिन समय के साथ वैवाहिक जीवन में दूरियां बढ़ने लगीं। मतभेद इतने बढ़ गए कि दोनों अलग रहने लगे।
शराब की लत ने बिगाड़ी सेहत
पति से अलगाव और निजी जिंदगी के तनाव का असर मीना कुमारी की सेहत पर पड़ा। कहा जाता है कि अकेलेपन और मानसिक तनाव के कारण उन्हें शराब की लत लग गई। लगातार शराब के सेवन से उनका लीवर गंभीर रूप से प्रभावित हुआ और उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।
‘पाकीज़ा’ बनी यादगार
मीना कुमारी की सबसे चर्चित फिल्मों में Pakeezah, Sahib Bibi Aur Ghulam, Baiju Bawra और Parineeta शामिल हैं। खासकर पाकीज़ा को उनकी सबसे यादगार फिल्मों में गिना जाता है। यह फिल्म लंबे समय तक निर्माणाधीन रही और रिलीज के कुछ ही सप्ताह बाद उनका निधन हो गया।
39 साल की उम्र में हुआ निधन
लगातार खराब होती सेहत के कारण मीना कुमारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। 31 मार्च 1972 को महज 39 वर्ष की उम्र में लीवर संबंधी बीमारी के कारण उनका निधन हो गया। उनके जाने से हिंदी सिनेमा ने अपनी सबसे संवेदनशील और प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में से एक को खो दिया।
आज भी मीना कुमारी का नाम भारतीय सिनेमा की महान अभिनेत्रियों में लिया जाता है। उनकी फिल्में, संवाद और भावपूर्ण अभिनय नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। संघर्षों से भरी उनकी जिंदगी इस बात की मिसाल है कि पर्दे की चमक-दमक के पीछे कई कलाकार गहरे व्यक्तिगत दर्द से भी गुजरते हैं।

