
रेवाड़ी में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या, आत्महत्या बताकर करती रही गुमराह; डिलीट चैट और 49 कॉल्स ने खोला राज
हरियाणा के रेवाड़ी जिले से एक ऐसा सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर कथित तौर पर अपने ही पति की हत्या कर दी और पूरे मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश करती रही। शुरुआती तौर पर मामला संदिग्ध मौत का लग रहा था, लेकिन पुलिस की बारीकी से की गई जांच, मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूत और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) ने पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने हत्या के आरोप में महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद पत्नी लगातार यह दावा करती रही कि उसके पति ने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली है। उसने परिवार और पुलिस को भी यही कहानी बताई ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि घटनास्थल की परिस्थितियों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने जांच अधिकारियों को आत्महत्या की कहानी पर संदेह करने के लिए मजबूर कर दिया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी जांच का सहारा लिया।
जांच के दौरान पुलिस ने महिला और उसके प्रेमी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और चैट हिस्ट्री खंगाली। इसी दौरान पता चला कि वारदात से पहले दोनों के बीच लगातार बातचीत हुई थी। जांच में सामने आया कि घटना से पहले दोनों के बीच 49 बार फोन पर बातचीत हुई थी। इतना ही नहीं, महिला ने अपने मोबाइल से कई महत्वपूर्ण चैट भी डिलीट कर दी थीं। हालांकि साइबर जांच और डिजिटल फॉरेंसिक की मदद से पुलिस ने इन डिलीट किए गए डिजिटल सबूतों को भी खंगाल लिया, जिससे दोनों की कथित साजिश उजागर हो गई।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान पहले दोनों आरोपी अलग-अलग बयान देते रहे, लेकिन जब उनके सामने तकनीकी साक्ष्य रखे गए तो वे जवाब नहीं दे सके। सख्ती से पूछताछ के बाद दोनों ने कथित तौर पर हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। पुलिस का दावा है कि दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे और पति उनके रिश्ते में बाधा बन रहा था। इसी कारण कथित तौर पर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई।
मामले में पुलिस ने महिला और उसके प्रेमी के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और साक्ष्य मिटाने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि हत्या की पूरी साजिश, वारदात के दौरान की घटनाओं और अन्य संभावित पहलुओं की गहन जांच की जा सके। पुलिस का कहना है कि डिजिटल फॉरेंसिक और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
रेवाड़ी की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि आधुनिक जांच में डिजिटल सबूत कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, डिलीट चैट और तकनीकी विश्लेषण ने उस सच्चाई को सामने ला दिया, जिसे आरोपियों ने आत्महत्या की कहानी बनाकर छिपाने की कोशिश की थी। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

