
राम मंदिर ट्रस्ट में क्या सब कुछ पहले जैसा? चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को लेकर बड़ा दावा
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच के बीच ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और निर्माण समिति से जुड़े गोपाल राव को लेकर नए दावे सामने आए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, जांच एजेंसियों ने अभी तक इन तीनों को पूरी तरह क्लीन चिट नहीं दी है और उनकी भूमिका की विस्तृत जांच जारी है।
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक स्तर पर कई खामियों का उल्लेख किया गया है। इसी बीच ट्रस्ट की बैठक को भी तय तारीख से पहले आयोजित करने का फैसला लिया गया है, जिसमें संगठनात्मक बदलाव और भविष्य की कार्यप्रणाली पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट के ढांचे में संभावित बदलावों को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
दूसरी ओर, बार एसोसिएशन और विपक्षी नेताओं ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, अब तक किसी जांच एजेंसी ने इन तीनों के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है। ऐसे में यह मामला अभी जांच के दायरे में है और आगे की रिपोर्ट तथा कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

