
यूपी में आयुर्वेद डॉक्टर बनने का रास्ता होगा आसान! 10वीं के बाद इंटीग्रेटेड BAMS कोर्स की तैयारी
उत्तर प्रदेश सरकार आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। प्रस्ताव के तहत छात्र 10वीं कक्षा पास करने के बाद प्रवेश परीक्षा के जरिए विशेष आयुर्वेद गुरुकुलों में दाखिला ले सकेंगे, जहां से वे एकीकृत पाठ्यक्रम पूरा कर BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) की डिग्री हासिल करेंगे।
योजना के अनुसार, राज्य में शुरुआती चरण में पांच आयुर्वेद गुरुकुल स्थापित करने का प्रस्ताव है और प्रत्येक में 100-100 BAMS सीटें होंगी। इन संस्थानों में पारंपरिक गुरुकुल प्रणाली के साथ आधुनिक चिकित्सा शिक्षा का समन्वय किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से ही आयुर्वेद की व्यवस्थित शिक्षा मिल सके।
हालांकि, यह व्यवस्था अभी प्रस्तावित योजना है और इसे लागू करने से पहले आवश्यक प्रशासनिक व नियामकीय मंजूरियां मिलनी बाकी हैं। वर्तमान में BAMS में प्रवेश के लिए 12वीं (PCB) और NEET की पात्रता लागू है। नई व्यवस्था लागू होने पर प्रवेश प्रक्रिया और पाठ्यक्रम में बदलाव किए जा सकते हैं।

