
युवराज मनचंदा मौत मामला: साकेत कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस की रिपोर्ट पर उठाए सवाल
रियल एस्टेट और HR प्रोफेशनल 31 वर्षीय युवराज मनचंदा की मौत के मामले में गुरुग्राम पुलिस की कार्रवाई पर साकेत कोर्ट ने सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस की ओर से दाखिल स्टेटस रिपोर्ट को बेहद संक्षिप्त और अस्पष्ट बताते हुए कहा कि यह 20 सितंबर को जारी किए गए उसके पुराने आदेश के अनुरूप नहीं है। साकेत कोर्ट ने बादशाहपुर थाने के SHO को निर्देश दिया है कि वह 20 सितंबर के आदेश के अनुपालन की नई और विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले दाखिल करें। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बादशाहपुर थाने के SI की ओर से दाखिल जवाब पुराने निर्देशों के मुताबिक नहीं था, इसलिए SHO से नई अनुपालन रिपोर्ट मांगी गई है। युवराज मनचंदा की मौत का मामला उनकी बहन की ओर से दर्ज कराई गई गुमशुदगी की शिकायत के बाद सामने आया था। शिकायत के बाद गुरुग्राम पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की और जांच के दौरान बादशाहपुर थाना क्षेत्र में एक अज्ञात शव बरामद हुआ, जिसकी बाद में पहचान युवराज मनचंदा के रूप में हुई। इसके बाद उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच शुरू हुई। आरोप है कि पैसों से जुड़े विवाद के चलते युवराज को कथित तौर पर गुरुग्राम बुलाया गया था, जहां उन्हें गोली मारने और शव को नाले में फेंकने का आरोप है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने युवराज की पूर्व सहकर्मी अन्या वत्स और उसके लिव-इन पार्टनर संयम सचदेवा को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया है और दोनों के खिलाफ जांच जारी है। इससे पहले शनिवार को हुई सुनवाई में न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपिका ठाकरण ने गुरुग्राम पुलिस को युवराज के शव की बरामदगी, पहचान और अंतिम संस्कार से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने पुलिस से यह भी जानकारी मांगी थी कि शव मिलने से लेकर उसकी पहचान और अंतिम संस्कार तक पूरी प्रक्रिया कैसे हुई और इस दौरान जांच अधिकारी ने कौन-कौन से कदम उठाए। अब अदालत ने पुलिस से इस पूरी प्रक्रिया और 20 सितंबर के आदेश के अनुपालन को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

