
ब्राजील ने अमेरिका को सुनाई खरी-खरी, राष्ट्रपति लूला बोले- हमारे चुनावों में दखल बर्दाश्त नहीं
अमेरिका और ब्राजील के बीच एक बार फिर कूटनीतिक तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि ब्राजील एक संप्रभु राष्ट्र है और उसके आंतरिक मामलों तथा चुनावी प्रक्रिया में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा। लूला ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करना सभी देशों की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की राजनीतिक टिप्पणी या दबाव उचित नहीं माना जाएगा।
राष्ट्रपति लूला का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर मतभेद सामने आ रहे हैं। ब्राजील सरकार का कहना है कि देश की चुनावी व्यवस्था पूरी तरह स्वतंत्र और पारदर्शी है तथा इससे जुड़े फैसले ब्राजील की संवैधानिक संस्थाएं ही लेंगी। लूला ने कहा कि विदेशी नेताओं को दूसरे देशों की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए और आपसी संबंधों को सम्मान और सहयोग के आधार पर आगे बढ़ाना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि लूला के इस बयान के बाद अमेरिका और ब्राजील के रिश्तों में नई बहस शुरू हो सकती है। हालांकि दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग के कई महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं, लेकिन राजनीतिक मुद्दों पर बढ़ती बयानबाजी से संबंधों में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि ट्रंप प्रशासन इस टिप्पणी पर क्या प्रतिक्रिया देता है और आने वाले दिनों में दोनों देशों के संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।

