बिना मरम्मत हुए ही निकल गए 5 लाख से ज्यादा, ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

बिना मरम्मत हुए ही निकल गए 5 लाख से ज्यादा, ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

माधौगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत असहना में हैडपंप मरम्मत के नाम पर बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि पिछले पांच वर्षों में ग्राम प्रधान और सचिव ने मिलकर लाखों रुपये केवल कागजों में हैडपंप सुधार दिखाकर निकाल लिए, जबकि गांव के अधिकांश हेडपंप या तो वर्षों तक खराब पड़े रहे या फिर ग्रामीणों ने अपने पैसे से उनकी मरम्मत कराई।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत असहना में वर्ष 2021-22 से लेकर 2026-27 तक हैडपंप सुधार के नाम पर कुल 5 लाख 30 हजार रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। हैरानी की बात यह है कि जिन लोगों के नाम पर भुगतान हुआ, उनका हैडपंप मरम्मत से कोई संबंध ही नहीं बताया जा रहा। कई भुगतान कथित रूप से प्रधान के परिवार के लोगों, फर्जी नामों और बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर्स के नाम पर किए गए।
साल-दर-साल निकाली गई रकम
वर्ष 2021-22 : ₹74,250
वर्ष 2022-23 : ₹49,400
वर्ष 2023-24 : ₹1,24,200
वर्ष 2024-25 : ₹93,200
वर्ष 2025-26 : ₹1,59,150
वर्ष 2026-27 : ₹33,590
रिकॉर्ड के मुताबिक हर साल हैडपंप सुधार के नाम पर बड़ी रकम निकाली जाती रही, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आती है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की ओर से खराब हैडपंपों की मरम्मत शायद ही कभी कराई गई हो।
ग्रामीण दिनेश, बड़ेलला, प्रह्लाद और रामबाबू ने बताया कि गांव में कई हैडपंप लंबे समय तक खराब पड़े रहे। लोगों को पानी की समस्या झेलनी पड़ी और मजबूरी में ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर खुद ही मरम्मत कराई। कुछ हैडपंप तो आज भी खराब हालत में पड़े हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच कराई जाए तो पंचायत स्तर पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार उजागर हो सकता है। अब गांव के लोग प्रशासन से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
खंड विकास अधिकारी संदीप मिश्रा ने कहा है कि अगर हैडपम्प सुधारने के मामले में अनियमित भुगतान या फर्जीवाड़ा हुआ है तो एडीओ पंचायत के साथ दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई जाएगी,सत्यता पाए जाने पर विधिक कार्यवाही की जाएगी।

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