पुरानी हड्डी की चोट को न करें नजरअंदाज, समय पर इलाज न मिलने पर बढ़ सकता है आर्थराइटिस का खतरा

पुरानी हड्डी की चोट को न करें नजरअंदाज, समय पर इलाज न मिलने पर बढ़ सकता है आर्थराइटिस का खतरा

Arthritis की समस्या आजकल तेजी से बढ़ती देखी जा रही है और विशेषज्ञों का मानना है कि पुरानी हड्डी या जोड़ की चोट भी इसके पीछे एक बड़ी वजह बन सकती है। डॉक्टरों के अनुसार कई लोग चोट लगने के बाद शुरुआती दर्द कम होते ही इलाज अधूरा छोड़ देते हैं या उसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन समय के साथ यही पुरानी चोट जोड़ों में सूजन, अकड़न और लगातार दर्द का कारण बन सकती है, जो आगे चलकर Arthritis जैसी गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि चोट लगने के बाद यदि हड्डी या जोड़ सही तरीके से नहीं जुड़ता तो उसका असर लंबे समय तक शरीर पर बना रह सकता है। कई मामलों में जोड़ों के आसपास की कार्टिलेज धीरे-धीरे खराब होने लगती है, जिससे चलने-फिरने में परेशानी, सूजन और तेज दर्द की शिकायत शुरू हो जाती है। खासतौर पर घुटनों, कंधों और कमर में लगी पुरानी चोट उम्र बढ़ने के साथ ज्यादा दिक्कत पैदा कर सकती है। इसलिए डॉक्टर चोट के बाद नियमित जांच, फिजियोथेरेपी और सही इलाज को बेहद जरूरी मानते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते इलाज कराने से भविष्य में होने वाली बड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है। संतुलित आहार, कैल्शियम और विटामिन-डी का सेवन, नियमित व्यायाम और शरीर का वजन नियंत्रित रखना भी जोड़ों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। यदि किसी व्यक्ति को पुरानी चोट वाली जगह पर लगातार दर्द, सूजन या अकड़न महसूस हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, ताकि स्थिति गंभीर होने से पहले सही उपचार शुरू किया जा सके।

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