Mesh Sankranti 2026 के साथ खरमास समाप्त हो रहा है और सूर्यदेव मेष राशि में प्रवेश कर रहे हैं। जानिए कब से शुरू होंगे शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त, इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व।

Mesh Sankranti 2026 हिंदू धर्म में एक बेहद महत्वपूर्ण खगोलीय और धार्मिक घटना मानी जाती है। इस दिन सूर्यदेव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे ज्योतिष में एक नए चक्र की शुरुआत के रूप में देखा जाता है। इसी के साथ लंबे समय से चला आ रहा खरमास भी समाप्त हो जाता है। “Mesh Sankranti 2026 ” यह सवाल हर उस व्यक्ति के मन में आता है जो शुभ कार्यों के लिए सही समय का इंतजार कर रहा होता है।
क्या होता है खरमास और क्यों नहीं होते शुभ कार्य
खरमास वह समय होता है जब सूर्यदेव धनु या मीन राशि में रहते हैं। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे मांगलिक कार्यों को शुभ नहीं माना जाता। धार्मिक मान्यता है कि इस समय भगवान की पूजा-अर्चना, दान-पुण्य और साधना पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, खरमास में ग्रहों की स्थिति ऐसी होती है कि नए कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए। यही कारण है कि इस अवधि में शहनाइयां थम जाती हैं और लोग शुभ मुहूर्त का इंतजार करते हैं।
नई ऊर्जा की शुरुआत
जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे अत्यंत शुभ माना जाता है। मेष सूर्य की उच्च राशि होती है, इसलिए इस समय सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नए कार्यों की शुरुआत के लिए यह समय अनुकूल माना जाता है।
इस परिवर्तन का असर न केवल व्यक्तिगत जीवन पर बल्कि सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ता है। व्यापार, निवेश और विवाह जैसे कार्यों के लिए यह समय बेहद शुभ माना जाता है।