
राजगढ़: 172 वर्षों की परंपरा के साथ निकलेगी भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा, राजगढ़ में तैयारियां तेज
172 वर्षों की परंपरा के साथ निकलेगी भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा, राजगढ़ में तैयारियां तेज।
रिपोर्टर:: शिंभू सिंह शेखावत
राजगढ़- राजगढ़ श्री जगन्नाथ मेला कमेटी के महंत एवं एडवोकेट पंडित मदन मोहन शास्त्री ने श्रमजीवी पत्रकार संघ के तहसील उपाध्यक्ष नागपाल शर्मा माचाड़ी को बताया कि आगामी 15 जुलाई से भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु के वार्षिक धार्मिक आयोजनों का शुभारंभ होगा। इस दिन भगवान को गर्भगृह से बाहर लाया जाएगा तथा नेत्र उत्सव का आयोजन किया जाएगा। सायंकाल माता जानकी की सवारी मंदिर पूजन एवं गणेश पूजन के लिए गंगा बाग स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचेगी, जहां महंत परिवार एवं मेला कमेटी के सानिध्य में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न होगी।
उन्होंने बताया कि 16 जुलाई को भगवान श्री जगन्नाथ को दूल्हे के स्वरूप में आकर्षक श्रृंगार से सजाया जाएगा। प्रातः 9:15 बजे कंगन डोरा बांधने की रस्म, दोज पूजन, हल्दी एवं अन्य वैदिक अनुष्ठान विधिवत मंत्रोच्चार के साथ संपन्न होंगे।
सायंकाल 7:30 बजे गॉड ऑफ ऑनर सलामी के बीच भगवान श्री जगन्नाथ गरुड़ रूपी रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेंगे। इससे पूर्व मदन मोहन जी महाराज की सवारी रथ की परिक्रमा करते हुए आगे चलेगी। भव्य शोभायात्रा मुख्य बाजारों से गुजरते हुए गंगा बाग स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचेगी। यात्रा मार्ग में विभिन्न मंदिरों पर घंटे-घड़ियालों और आरती के साथ श्रद्धालु भगवान का स्वागत करेंगे।
मेला कमेटी के अनुसार 17 से 19 जुलाई तक गंगा बाग में विशाल धार्मिक मेला आयोजित होगा। 20 जुलाई को वरमाला महोत्सव तथा 23 जुलाई को रथ यात्रा की वापसी संपन्न होगी।
आयोजकों ने बताया कि यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था और परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है। लगभग 172 वर्षों से यह रथ यात्रा निरंतर आयोजित होती आ रही है। मान्यता है कि जगन्नाथ पुरी की परंपरा पर आधारित यह रथ यात्रा पूरे भारत में विशेष स्थान रखती है और पुरी के बाद अलवर जिले के राजगढ़ कस्बे की यह यात्रा सबसे प्राचीन एवं ऐतिहासिक रथ यात्राओं में गिनी जाती है।
इस संबंध में जानकारी मंदिर महंत पूर्ण दास, एडवोकेट पंडित मदन मोहन शास्त्री एवं पंडित रोहित शर्मा ने संयुक्त रूप से श्रमजीवी पत्रकार संघ तहसील उपाध्यक्ष नागपाल शर्मा माचाड़ी को दी।

