
*जिला जज ने पलटा लोअर कोर्ट का फैसला* *आरोपी दरोगा राजेश राव के खिलाफ साक्ष्य के आधार पर दोबारा सुनवाई के आदेश*
*जिला जज ने पलटा लोअर कोर्ट का फैसला*
*आरोपी दरोगा राजेश राव के खिलाफ साक्ष्य के आधार पर दोबारा सुनवाई के आदेश*
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सुल्तानपुर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार की अदालत ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के फैसले को पलटते हुए आरोपी दरोगा राजेश राव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए दी गई अर्जी पर दोबारा सुनवाई करते हुए निस्तारण के लिए लोअर कोर्ट को आदेश जारी किया है। सामने आए इस आदेश में जिला जज ने अभियोगी पक्ष की निगरानी याचिका को स्वीकार करते हुए लोअर कोर्ट को उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के आधार पर बहस सुनकर नया आदेश जारी करने के लिए कहा है। अदालत ने लोअर कोर्ट में सुनवाई के लिए दो जुलाई की तारीख तय किया है।
चांदा थाने के प्रतापपुर कमैचा के रहने वाले अनिल कुमार मौर्य ने 21 मार्च साल 2025 की घटना बताते हुए स्थानीय थाने में तैनात तत्कालीन उपनिरीक्षक राजेश राव के प्राथमिकी दर्ज कराने व निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सीजेएम कोर्ट में अर्जी पेश किया था। वादी के आरोप के मुताबिक उनकी स्टे की जमीन पर गांव के ही विपक्षी जबरन निर्माण कर रहे थे। अभियोगी की शिकायत पर दरोगा राजेश राव मौके पर पहुँचे। अभियोगी के मुताबिक आरोपी दरोगा ने निर्माण कार्य रुकवाने के बजाय उनके प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उनकी जमीन पर कब्जा करा देने व अभियोगी का एनकाउंटर कर देने की भी धमकी दिया। अभियोगी के मुताबिक उन्होंने दरोगा की धमकी को मोबाइल में रिकार्ड कर लिया था। मामले में दरोगा के खिलाफ पुलिस अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर अभियोगी ने कोर्ट की शरण लिया था। फिलहाल मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं मानते हुए गत 24 जुलाई को अभियोगी की अर्जी खारिज कर दिया था। सीजेएम कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ निगरानी याचिका पेश कर अभियोगी ने जिला जज कोर्ट में चुनौती दिया था। जिला जज ने अभियोगी की निगरानी याचिका स्वीकार कर लिया है।

