
*वकीलों के विरोध के आगे झुकी पुलिस,पुलिस लाइन में बैठी कोर्ट* *अधिवक्ता पर हमले के आरोपी होटल संचालक समेत चार को कोर्ट के बजाय पुलिस लाइन परिसर में किया गया पेश*
*वकीलों के विरोध के आगे झुकी पुलिस,पुलिस लाइन में बैठी कोर्ट*
*अधिवक्ता पर हमले के आरोपी होटल संचालक समेत चार को कोर्ट के बजाय पुलिस लाइन परिसर में किया गया पेश*
*सीजेएम नवनीत सिंह ने आरोपियो की रिमांड स्वीकार कर जेल भेजने का दिया आदेश*
*अधिवक्ताओं की नाराजगी को भांप सुरक्षा व शांति व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिस ने न्यायिक अधिकारियो से कोर्ट से बाहर रिमांड पर सुनवाई के लिए की सिफारिश*
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सुल्तानपुर। शहर स्थित होटल में भोजन करने गए अधिवक्ता धर्मात्मा सिंह समेत अन्य पर दो दिन पूर्व हुए हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपियो को कोर्ट में पेश कर रिमांड कराने की जुगत में भारी संख्या में पुलिस मंगलवार को दिन भर लगी रही। फिलहाल अधिवक्ताओं के आक्रोश के आगे पुलिस महकमे को नतमस्तक होना पड़ा और गिरफ्तार आरोपियो को कोर्ट में पेश करने के बजाय उन्हें अपना फैसला व रोजाना की परम्परा बदलकर न्यायिक अधिकारियो से सामजंस्य बैठाकर पुलिस लाइन स्थित मानवतस्करी रोधी कार्यालय परिसर में कोर्ट बैठाकर रिमांड की सुनवाई करानी पड़ी। जिसके बाद सीजेएम नवनीत सिंह ने आरोपी होटल संचालक समेत चार आरोपियो की रिमांड स्वीकार कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है। अधिवक्ता पर हमले के विरोध में दिनभर अधिवक्ताओं का कड़ा विरोध देखने को मिला,जिसकी वजह से पुलिस कोर्ट परिसर में रिमांड कराने की हिम्मत नहीं जुटा सकी।
धम्मौर थाने के नरही भांटी निवासी अन्तरात्मा सिंह ने गत रविवार रात की घटना बताते हुए सोमवार को कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कराया। वादी के आरोप के मुताबिक उनके भाई अधिवक्ता धर्मात्मा सिंह रविवार रात करीब 10:30 बजे रेलवे स्टेशन रोड स्थित लक्ष्मी होटल में भोजन कर रहे थे। इसी दौरान भोजन में गड़बड़ी मिलने पर उन्होंने होटल संचालक पूरन पोपटानी से शिकायत की। आरोप है कि शिकायत से नाराज होटल संचालक ने अभद्रता किया और विरोध करने पर अपने पुत्र हर्षित पोपटानी, रजत गुप्ता उर्फ कल्लू, सूरज मोदनवाल, रवि अग्रहरि, रिंकू मोदनवाल, सद्दाम,हरिओम व चार अज्ञात साथियों के साथ मिलकर धर्मात्मा सिंह पर लोहे की रॉड व बेलचे से हमला कर दिया। हमले में धर्मात्मा सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। बीच-बचाव करने पहुंचे विपिन पांडेय व राजन पाठक को भी आरोपियों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा,हमले में तीनों लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए,जिन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया। धर्मात्मा सिंह को ट्रॉमा सेंटर, लखनऊ में भर्ती कराया गया है। वादी अन्तरात्मा सिंह की तहरीर पर कोतवाली नगर में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में नामजद आरोपी होटल संचालक पूरन पोपटानी,हर्षित पोपटनी व प्रकाश में आए आरोपी चन्द्र भूषण गुप्ता व अर्श श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर किया गया,जिन्हें कोर्ट में पेश करने के लिए पुलिस ने कई घण्टो तक कड़ी मशक्कत किया,पर सफल नहीं हो पाए और उन्हें वकीलों के विरोध के सामने झुकना पड़ा।
*अधिवक्ता पर हमले के विरोध में आक्रोशित दिखे वकील*
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अधिवक्ता पर हुए जानलेवा हमले से होटल संचालक व उनके साथियों के प्रति अधिवक्ताओ का जमकर विरोध देखने को मिला। पुलिस को कोर्ट परिसर में घुसते वक्त भी कड़े विरोध का सामना करना पड़ा और पुलिस अफसरों ने नाराज अधिवक्ताओ से काफी मान-मनौव्वल भी किया,पर साथी अधिवक्ता को लगी चोट के विरोध के आगे कोई बात नहीं बन सकी। शाम तक इंतजार करने के बाद भी निर्धारित समय सीमा के भीतर शांतिपूर्वक रिमांड नहीं होने के आसार को देखते हुए पुलिस अफसरो ने न्यायिक अधिकारियों से अनुमति लेकर पुलिस लाइन परिसर में आरोपियो के रिमांड की कार्यवाही पूरी कराई। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह व महासचिव दिनेश कुमार दूबे ने एक अधिवक्ता के साथ हुई घटना पर आक्रोश व्यक्त किया है,उन्होंने संचालित भोजनालय की गहनता से जांच कराकर जिम्मेदार अफसरों से शीघ्र कार्रवाई किए जाने एवं अन्य आरोपियो को जल्द जेल भेजने की अपेक्षा व्यक्त किया है। विरोध दर्ज कराने वालों में अधिवक्ता हिमांशु मिश्र,कृष्ण प्रताप सिंह,विजय सिंह,विकास पाठक समेत कई अधिवक्ता शामिल रहे।
*प्रभारी जिला जज संध्या चौधरी ने भी अधिवक्ताओं से की बात*
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सुल्तानपुर। अधिवक्ता साथी पर हमला होने के विरोध में लामबंद हुए अधिवक्ताओं की नाराजगी देखकर प्रभारी जिला जज/एडीजे प्रथम संध्या चौधरी ने भी न्यायिक व पुलिस अधिकारियो के साथ जाकर अधिवक्ताओं से वार्ता किया। अधिवक्ताओं ने उन्हें न्यायिक प्रक्रिया में किसी प्रकार का अवरोध न उत्पन्न करने व भरपूर सहयोग करने का भरोसा दिया। फिलहाल अधिवक्ताओं की भीड़ देखकर पुलिस कोर्ट परिसर में रिमांड कराने की जहमत नहीं उठा सकी और जैसे-तैसे चारो आरोपियो को बरामद हथियारों के साथ सीजेएम के समक्ष पेश कर रिमांड की कार्रवाई पूरी किया। जिसके बाद आरोपियो को जेल भेजा गया।

