
गुजरात में जैश का बहावलपुर मॉड्यूल: कैसे Gen-Z युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने की थी साजिश?
गुजरात एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) की जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े एक कथित मॉड्यूल का नेटवर्क गुजरात में सक्रिय था। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस मॉड्यूल का संबंध बहावलपुर स्थित नेटवर्क और हैंडलरों से जुड़ा हुआ था। हालिया कार्रवाई में कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ATS का कहना है कि यह समूह केवल कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने तक सीमित नहीं था, बल्कि कथित तौर पर IED परीक्षण और आतंकी हमलों की तैयारी तक पहुंच चुका था।
जांच के अनुसार, आरोपियों ने मुख्य रूप से Gen-Z (युवा) वर्ग को निशाना बनाया। एजेंसियों का कहना है कि सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स, धार्मिक और वैचारिक सामग्री, वीडियो, भाषण तथा ऑनलाइन संपर्कों के जरिए युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की गई। कथित तौर पर पहले वैचारिक रूप से जोड़ने, फिर भरोसा बनाने और उसके बाद संगठन से जुड़े लोगों के संपर्क में लाने की रणनीति अपनाई गई। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस नेटवर्क को विदेश से किस तरह निर्देश और समर्थन मिल रहा था।
ATS के मुताबिक, जांच अभी जारी है और सभी आरोप अदालत में सिद्ध होने बाकी हैं। एजेंसियां डिजिटल उपकरणों, वित्तीय लेन-देन और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं को ऑनलाइन कट्टरपंथी सामग्री से बचाने, डिजिटल जागरूकता बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते निगरानी रखना ऐसी साजिशों को विफल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

