किस राज्य में हुए हैं सबसे ज्यादा पेपर लीक? जानिए क्या कहते हैं उपलब्ध आंकड़े

किस राज्य में हुए हैं सबसे ज्यादा पेपर लीक? जानिए क्या कहते हैं उपलब्ध आंकड़े

देश में भर्ती परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं पिछले कुछ वर्षों में बड़ा मुद्दा बनकर उभरी हैं। हालांकि, भारत सरकार की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक राष्ट्रीय डेटाबेस जारी नहीं किया गया है, जिसमें राज्यवार पेपर लीक की कुल संख्या दर्ज हो। इसलिए “सबसे ज्यादा पेपर लीक किस राज्य में हुए” का दावा निश्चित रूप से करना संभव नहीं है।

हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक रूप से सामने आए प्रमुख मामलों के आधार पर कुछ राज्य बार-बार चर्चा में रहे हैं।

1. उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में हाल के वर्षों में कई बड़ी भर्ती परीक्षाएं विवादों में रहीं। वर्ष 2024 में यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। इसी तरह RO/ARO परीक्षा भी निरस्त की गई थी।

2. राजस्थान

राजस्थान में REET भर्ती परीक्षा, शिक्षक भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक के कई चर्चित मामले सामने आए। इन मामलों में एसओजी की जांच, गिरफ्तारियां और कई प्रशासनिक कार्रवाई भी हुईं।

3. बिहार

बिहार लंबे समय से विभिन्न भर्ती परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर चर्चा में रहा है। BPSC, शिक्षक भर्ती और NEET से जुड़े मामलों में भी राज्य का नाम सामने आया है।

4. मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश का व्यापम (Vyapam) घोटाला देश के सबसे चर्चित परीक्षा घोटालों में गिना जाता है। इसमें कई वर्षों तक भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप लगे थे।

5. हरियाणा और गुजरात

इन राज्यों में भी समय-समय पर भर्ती परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं के पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, जिनमें पुलिस जांच और गिरफ्तारियां हुईं।

क्या कोई आधिकारिक रैंकिंग है?

नहीं। अभी तक केंद्र या किसी राष्ट्रीय एजेंसी ने यह आधिकारिक सूची जारी नहीं की है कि किस राज्य में सबसे अधिक पेपर लीक हुए हैं। उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से न्यायालयी रिकॉर्ड, जांच एजेंसियों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।

देशभर की स्थिति

एक विश्लेषण के अनुसार, 2002 से 2025 के बीच कम से कम 45 बड़े पेपर लीक मामले सामने आए, जबकि व्यापक परीक्षा धोखाधड़ी (जिसमें पेपर लीक, प्रतिरूपण, OMR से छेड़छाड़ आदि शामिल हैं) पर किए गए एक अन्य अध्ययन में 2005 से 2026 के बीच 21 राज्यों में 220 घटनाओं का उल्लेख किया गया है।

इसलिए उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश उन राज्यों में शामिल हैं जिनके नाम पेपर लीक के बड़े मामलों में सबसे अधिक चर्चा में रहे हैं, लेकिन “सबसे ज्यादा पेपर लीक” का आधिकारिक दावा फिलहाल उपलब्ध नहीं है

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