
ओडिशा में भारी बारिश से बाढ़ का खतरा, 70 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए
ओडिशा के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने 70 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और 395 राहत शिविर बनाए गए हैं। पिछले कुछ दिनों की बारिश के कारण राज्य की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। अधिकारियों के मुताबिक बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, कालाहांडी, कोरापुट, नबरंगपुर, मलकानगिरि समेत 13 जिलों में अचानक बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी है।
बालासोर में हालात सबसे ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं। यहां सुवर्णरेखा नदी राजघाट पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे भोगराई, जलेश्वर, बालीपाल और बस्ता प्रखंडों के कई गांव प्रभावित हुए हैं। बुधबलंग नदी भी गोविंदपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं मयूरभंज में सिमिलिपाल राष्ट्रीय उद्यान के देवकुंड पर्यटन स्थल को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
बाढ़ के बढ़ते खतरे के बीच सरकार ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के मुताबिक, हीराकुड बांध से अतिरिक्त पानी निकालने के लिए 11 और गेट खोले गए हैं, जिसके बाद कुल 16 गेट खुले हैं। छत्तीसगढ़ के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के कारण बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी रविवार को दक्षिण ओडिशा के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लेंगे।

