
VDO भर्ती घोटाले में EOW का शिकंजा, तीन वांछित आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) उत्तर प्रदेश ने वीडीओ (ग्राम विकास अधिकारी) भर्ती परीक्षा में हुई कथित धांधली के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ईओडब्ल्यू द्वारा चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन शिकंजा” के तहत आजमगढ़, संतकबीरनगर और जौनपुर से आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा ग्राम विकास अधिकारी, समाज कल्याण पर्यवेक्षक और ग्राम पंचायत अधिकारी के कुल 1953 पदों पर भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा में व्यापक अनियमितताओं और धांधली की शिकायतों के बाद मामले की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपी गई थी। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर मुकदमा दर्ज कर विस्तृत विवेचना शुरू की गई।
ईओडब्ल्यू की जांच में अब तक कुल 173 अभियुक्तों की संलिप्तता प्रमाणित होने की बात सामने आई है। इसी क्रम में गंगेश कुमार, विपिन चौधरी और सुशील कुमार को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक भर्ती प्रक्रिया में कथित रूप से ओएमआर शीट्स में कूटरचना कर अपात्र अभ्यर्थियों को अधिक अंक दिलाए गए, जबकि पात्र अभ्यर्थियों को चयन से वंचित किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आयोग के कुछ तत्कालीन अधिकारी-कर्मचारियों, कार्यदायी संस्था और बिचौलियों के बीच मिलीभगत से परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। मामले में पहले भी कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। धांधली की पुष्टि होने के बाद उक्त भर्ती परीक्षा को निरस्त कर दिया गया था।
ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि भर्ती घोटाले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। एजेंसी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।

