
Hariyali Teej 2026 Date: हरियाली तीज 14 या 15 अगस्त? जानें सही व्रत तिथि, पूजा मुहूर्त और महत्व
नई दिल्ली: सावन माह का सबसे महत्वपूर्ण पर्व हरियाली तीज सुहागिन महिलाओं और अविवाहित कन्याओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाती है। वर्ष 2026 में तृतीया तिथि दो दिनों तक पड़ने के कारण लोगों के मन में यह भ्रम है कि हरियाली तीज का व्रत 14 अगस्त को रखा जाए या 15 अगस्त को।
हरियाली तीज 2026 कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रावण शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि दो दिनों तक रहने के कारण भ्रम की स्थिति बन रही है। हालांकि उदयातिथि (सूर्योदय के समय विद्यमान तिथि) के आधार पर हरियाली तीज का व्रत 15 अगस्त 2026, शनिवार को रखना अधिक मान्य माना जा रहा है। इसी दिन अधिकांश पंचांगों के अनुसार पूजा और व्रत का पालन किया जाएगा।
हरियाली तीज का महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। तभी से हरियाली तीज का व्रत अखंड सौभाग्य, सुखी दांपत्य जीवन और मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए रखा जाता है।
कैसे करें पूजा?
हरियाली तीज के दिन प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ एवं हरे रंग के वस्त्र धारण करें। माता पार्वती और भगवान शिव की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर उन्हें श्रृंगार की सामग्री, हरी चूड़ियां, मेहंदी, फल, फूल, बेलपत्र, धतूरा और मिठाई अर्पित करें। इसके बाद हरियाली तीज व्रत कथा का श्रवण करें और शिव-पार्वती की आरती करें।
व्रत का महत्व
मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से वैवाहिक जीवन में प्रेम, सुख और समृद्धि बनी रहती है। वहीं अविवाहित कन्याओं को योग्य और मनचाहा जीवनसाथी मिलने का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन कई स्थानों पर झूले, लोकगीत, मेहंदी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं, जो सावन के उल्लास को और बढ़ा देते हैं।
हरियाली तीज केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, प्रकृति और वैवाहिक जीवन की खुशहाली का प्रतीक भी माना जाता है। इसलिए श्रद्धालु इस दिन पूरे उत्साह और भक्ति के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करते हैं।

