
समुद्री ताकत बढ़ाने की तैयारी में भारत! ₹1 लाख करोड़ की परियोजना के तहत नौसेना को मिल सकते हैं 16 नए युद्धपोत
भारतीय नौसेना अपनी समुद्री क्षमता को और मजबूत करने के लिए करीब ₹1 लाख करोड़ की लागत वाली तीन बड़ी स्वदेशी युद्धपोत परियोजनाओं पर काम कर रही है। इन योजनाओं के तहत कुल 16 नए युद्धपोत बनाए जाने का प्रस्ताव है, जिनमें चार Project 15C विध्वंसक (Destroyers), छह Project 17B स्टील्थ फ्रिगेट और छह Project 18A अगली पीढ़ी के बड़े सतही युद्धपोत (Large Surface Combatants) शामिल हैं। ये परियोजनाएं अभी रक्षा खरीद प्रक्रिया से पहले आंतरिक विचार-विमर्श और योजना के चरण में हैं।
इन युद्धपोतों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा और इनमें आधुनिक स्टील्थ तकनीक, लंबी दूरी की मारक क्षमता, उन्नत एयर एवं मिसाइल डिफेंस सिस्टम, अत्याधुनिक सेंसर तथा कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम लगाए जाने की योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन जहाजों के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता और समुद्री सुरक्षा को उल्लेखनीय मजबूती मिलेगी।
हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्टों में इन परियोजनाओं को चीन की बढ़ती नौसैनिक मौजूदगी के संदर्भ में देखा जा रहा है, लेकिन आधिकारिक तौर पर सरकार ने इन्हें भारत की दीर्घकालिक समुद्री सुरक्षा, आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण और रणनीतिक क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम बताया है। रक्षा मंत्रालय का जोर स्वदेशी युद्धपोत निर्माण के माध्यम से नौसेना को आधुनिक और अधिक सक्षम बनाने पर है।

