
BRICS मंच से जयशंकर का बड़ा संदेश, दुनिया को भारत ने दिए 5 अहम संकेत
BRICS सम्मेलन के मंच से भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दुनिया को कई अहम संदेश दिए। अपने संबोधन में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि आज दुनिया बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है और ऐसे समय में विकासशील देशों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जयशंकर ने वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि BRICS केवल आर्थिक संगठन नहीं, बल्कि वैश्विक संतुलन और सहयोग का नया केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने आतंकवाद, आर्थिक अस्थिरता और वैश्विक संघर्षों जैसे मुद्दों पर भी दुनिया को एकजुट होकर काम करने की सलाह दी।
जयशंकर ने अपने भाषण में पांच बड़े संकेत दिए, जिनमें सबसे अहम था आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति। उन्होंने कहा कि किसी भी देश को आतंकवाद पर दोहरा रवैया नहीं अपनाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और खाद्य संकट जैसे मुद्दों पर भी BRICS देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की बात कही। भारत ने साफ किया कि ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशों की समस्याओं को अब प्राथमिकता मिलनी चाहिए। जयशंकर ने डिजिटल टेक्नोलॉजी, व्यापार और स्थानीय मुद्रा में लेनदेन को बढ़ावा देने की भी वकालत की, ताकि पश्चिमी देशों पर निर्भरता कम हो सके।
अपने संबोधन के जरिए भारत ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में वह केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक नेतृत्व की भूमिका में नजर आएगा। BRICS मंच से जयशंकर का बयान चीन, अमेरिका और पश्चिमी देशों के लिए भी एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया को टकराव नहीं बल्कि सहयोग की राजनीति अपनानी होगी। भारत ने साफ किया कि वह शांति, विकास और समान साझेदारी के सिद्धांत पर आगे बढ़ेगा। जयशंकर के इस बयान को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत की बढ़ती ताकत और कूटनीतिक प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है।

