
भारत का अपना स्पेस स्टेशन कब बनेगा? PM मोदी ने ऑस्ट्रेलिया से बताया पूरा रोडमैप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारत के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशनों पर बात करते हुए देश के अपने स्पेस स्टेशन की योजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत आने वाले वर्षों में अपना स्वतंत्र स्पेस स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। यह परियोजना भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के दीर्घकालिक विजन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष विज्ञान, अनुसंधान और मानव अंतरिक्ष मिशनों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
भारत का प्रस्तावित स्पेस स्टेशन चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। सबसे पहले गगनयान मिशन के जरिए भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद अंतरिक्ष में मॉड्यूल भेजकर उन्हें आपस में जोड़ते हुए एक स्थायी स्पेस स्टेशन विकसित किया जाएगा, जहां वैज्ञानिक लंबे समय तक रहकर माइक्रोग्रैविटी में विभिन्न प्रयोग कर सकेंगे। इससे अंतरिक्ष अनुसंधान, नई तकनीकों के विकास और भविष्य के चंद्र एवं गहरे अंतरिक्ष मिशनों को भी मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत का अपना स्पेस स्टेशन बनने से देश अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा। इससे वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रक्षा, संचार और औद्योगिक नवाचार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सरकार का लक्ष्य है कि अगले दशक में भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाए।

