
‘हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाने वाले आज आस्था की बात कर रहे हैं’, अयोध्या में विपक्ष पर जमकर बरसे CM योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए धार्मिक आस्था और तुष्टिकरण की राजनीति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि “जो लोग हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाते थे, वही आज आस्था की बात कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले की सरकारों ने वोट बैंक की राजनीति के लिए धार्मिक भावनाओं की अनदेखी की, जबकि वर्तमान सरकार सभी आस्थाओं का सम्मान करते हुए कानून के शासन पर काम कर रही है।
सीएम योगी ने बिना किसी दल का नाम लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों ने वर्षों तक तुष्टिकरण की राजनीति की और धार्मिक स्थलों की गरिमा से समझौता किया। उन्होंने कहा कि आज वही लोग आस्था और धार्मिक मूल्यों पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि उनकी सरकार ने अयोध्या के विकास, राम मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यों और धार्मिक पर्यटन को नई पहचान दिलाने का काम किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और सभी नागरिकों के लिए समान व्यवहार है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की राजनीति, जो समाज को बांटने का प्रयास करे, उसे जनता स्वीकार नहीं करेगी। योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि अयोध्या आज देश और दुनिया में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विकास के केंद्र के रूप में नई पहचान बना रही है।
सीएम योगी का यह बयान ऐसे समय आया है जब अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। भाजपा इसे तुष्टिकरण की राजनीति के खिलाफ अपनी वैचारिक लड़ाई बता रही है, जबकि विपक्ष की ओर से भी इस पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है।

