
समाज सेवा की मिसाल बने आईआरएस अधिकारी मिश्रीलाल मीना, शिक्षा, धर्म और जनकल्याण में निभा रहे प्रेरक भूमिका
राजगढ़ उपखंड की ग्राम पंचायत नीमला के रतनपुरा गांव निवासी एवं आईआरएस अधिकारी Mishrilal Meena वर्षों से शिक्षा, धर्म और जनकल्याण के क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से समाज सेवा कर रहे हैं। उनके छोटे भाई कैलाश (राजेश) मीना भी इस सेवा कार्य में सक्रिय सहयोगी की भूमिका निभा रहे हैं। परिवार से मिले संस्कारों और सामाजिक सरोकारों ने मिश्रीलाल मीना को बचपन से ही जनहित के कार्यों के लिए प्रेरित किया। आज वे प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ समाज सेवा के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।
मिश्रीलाल मीना ने क्षेत्र के अनेक धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने भर्तृहरि बाबा, पाराशर महाराज, मीन भगवान मंदिर भजेड़ा, नारायणी माता मंदिर, चावण्ड (चामुंडा) माता मंदिर बीघोता, भैरू बाबा मंदिर रतनपुरा, हनुमानजी मंदिर गोठ की चौकी, प्रेमपुरा की बावड़ी, नीमला के विभिन्न मंदिरों तथा राजगढ़ स्थित गणेश पोल गणेश मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सैकड़ों सीमेंट की कुर्सियां भेंट की हैं। इसके अलावा रतनपुरा, पेड़ीबंद भोमियाजी स्थान और नीमला में पक्षियों के लिए चुग्गा स्थलों का निर्माण कराया, जबकि मोतीवाड़ा स्थित भोमियाजी स्थान पर 20×20 फीट का भव्य मंच भी उनके सहयोग से तैयार कराया गया।
शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी उनका योगदान सराहनीय रहा है। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नीमला के विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस उपलब्ध कराई तथा आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी छात्रों को साइकिलें वितरित कीं। नीमला और रतनपुरा में आरओ युक्त वाटर कूलर लगवाकर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी कराई। वर्ष 1998 से लगातार भर्तृहरि बाबा एवं जगन्नाथ महाराज राजगढ़ के मेलों में श्रद्धालुओं के लिए शीतल जल और शरबत की प्याऊ लगाना, जरूरतमंद परिवारों को राशन सामग्री उपलब्ध कराना तथा मीना समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलनों में आर्थिक सहयोग देना उनकी समाज सेवा की निरंतर परंपरा का हिस्सा है। इसके साथ ही मीन भगवान मंदिर और हनुमानजी मंदिर गोठ की चौकी के निर्माण में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जो उन्हें क्षेत्र के प्रेरणादायी समाजसेवियों में विशेष स्थान दिलाता है।

