
जिला पंचायत अध्यक्ष उषा सिंह के खिलाफ जमानती वारंट जारी, 18 अगस्त को अदालत में तलब
बिना अनुमति होली मिलन समारोह आयोजित कर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के करीब सात वर्ष पुराने मामले में एफटीसी-सीनियर डिवीजन/एसीजेएम भाव्या श्रीवास्तव की अदालत ने जिला पंचायत अध्यक्ष उषा सिंह के खिलाफ जमानती वारंट (बीडब्ल्यू) जारी किया है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने उन्हें 18 अगस्त को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए तलब किया।
अभियोजन के अनुसार विधानसभा इसौली क्षेत्र में तैनात तत्कालीन उड़नदस्ता प्रभारी सुशील कुमार ने 24 मार्च 2019 की घटना को लेकर स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि गनापुर निवासी जिला पंचायत अध्यक्ष उषा सिंह ने अपने आवास पर बिना प्रशासनिक अनुमति के होली मिलन समारोह आयोजित किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी। उड़नदस्ता प्रभारी ने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया। मामले की जांच तत्कालीन उपनिरीक्षक सचिव प्रसाद मौर्य ने की और 23 मई 2019 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
अदालत ने 18 जनवरी 2021 को आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए उषा सिंह को समन जारी किया था, लेकिन लंबे समय तक समन का तामील नहीं हो सका। पुलिस की ओर से अदालत में प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि तामील कराने के लिए पुलिस उनके आवास पहुंची थी, लेकिन उनके लखनऊ में होने के कारण कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। इस पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए उषा सिंह के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया और उन्हें 18 अगस्त को अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया।

