
Ketan Murder Case: बाली नहीं जाना चाहती थी सिया, भाई ने जबरन कार में बैठाया, रास्ते में हुई बहस, ड्राइवर के खुलासे से जांच में नया मोड़
Ketan Murder Case: बाली नहीं जाना चाहती थी सिया, भाई ने जबरन कार में बैठाया, रास्ते में हुई बहस, ड्राइवर के खुलासे से जांच में नया मोड़
उदयपुर/जयपुर: रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब इस मामले में पुलिस जांच के दौरान ड्राइवर के बयान ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। ड्राइवर ने पूछताछ में बताया कि केतन अग्रवाल की पत्नी सिया बाली (Bali) जाने के लिए तैयार नहीं थी। कथित तौर पर उसके भाई ने उसे जबरन कार में बैठाया, जिसके बाद पूरे रास्ते दोनों के बीच तीखी बहस होती रही। ड्राइवर के इस बयान के बाद पुलिस अब पूरे घटनाक्रम को नए सिरे से जोड़कर देख रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, हत्या से पहले केतन अग्रवाल, उनकी पत्नी सिया और अन्य लोग उदयपुर से बाली की ओर रवाना हुए थे। ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि यात्रा शुरू होने से पहले ही माहौल तनावपूर्ण था। सिया बार-बार यात्रा पर जाने से इनकार कर रही थी, लेकिन उसके भाई ने उसे जबरदस्ती कार में बैठा दिया। कार के भीतर दोनों के बीच काफी देर तक बहस होती रही, जबकि केतन अग्रवाल भी स्थिति को शांत कराने की कोशिश करते नजर आए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस विवाद का हत्या की साजिश से कोई संबंध था या नहीं।
ड्राइवर के मुताबिक, यात्रा के दौरान कई बार ऐसा लगा कि परिवार के सदस्यों के बीच किसी गंभीर बात को लेकर विवाद चल रहा है। हालांकि उसने यह भी कहा कि उसे उस समय यह अंदाजा नहीं था कि आगे चलकर इतना बड़ा अपराध सामने आएगा। पुलिस ने ड्राइवर के बयान को केस की जांच में महत्वपूर्ण माना है और उसके बताए गए तथ्यों का तकनीकी साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है।
जांच में सामने आया है कि हत्या से पहले और बाद की गतिविधियों को लेकर पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन डेटा, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल सबूतों की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यात्रा के दौरान किन-किन लोगों से संपर्क किया गया और क्या पहले से किसी तरह की योजना बनाई गई थी। मामले से जुड़े सभी संदिग्धों से लगातार पूछताछ जारी है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि केतन अग्रवाल की हत्या किसी अचानक हुए विवाद का परिणाम नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश हो सकती है। हालांकि इस संबंध में अभी तक पुलिस ने आधिकारिक तौर पर कोई अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है। जांच एजेंसियां हर पहलू की गहनता से पड़ताल कर रही हैं ताकि अदालत में मजबूत साक्ष्य पेश किए जा सकें।
इस सनसनीखेज हत्याकांड ने राजस्थान ही नहीं, बल्कि देशभर में लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हर नए खुलासे के साथ मामले की परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

