
अपहरण के दोषी को सात साल का कठोर कारावास*
*पाक्सो कोर्ट ने बीस हजार रुपए का लगाया अर्थदंड*
सुल्तानपुर। स्पेशल जज पाक्सो एक्ट नीरज श्रीवास्तव की अदालत ने किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म समेत अन्य आरोपो से जुड़े मामले में एक दिन पूर्व दोषी ठहराए गये अभियुक्त जिग्नेश की सजा पर अपना फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी जिग्नेश को दुष्कर्म के आरोप में बरी कर दिया है,जबकि अपहरण व पाक्सो एक्ट के अपराध में सात साल के कठोर कारावास व बीस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक सीएल द्विवेदी ने बताया कि अदालत ने दोषी को सजा काटने के लिए जेल भेजने का आदेश दिया है।
अमेठी जिले के जगदीशपुर थाने के एक गांव की रहने वाली किशोरी की माँ ने दो मार्च साल 2022 को स्थानीय कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। वादिनी के आरोप के मुताबिक उनकी 17 साल की पुत्री को आरोपी बहलाकर भगा ले गया और उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। मामले में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान अपहरण व दुष्कर्म के आरोप की पुष्टी हुई। मामले का ट्रायल स्पेशल जज पाक्सो एक्ट नीरज कुमार श्रीवास्तव की अदालत में चला। अदालत ने दोषी जिग्नेश को अपहरण व पाक्सो एक्ट के अपराध में जिग्नेश की सजा पर बुधवार को फैसला सुनाया।

