
लखनऊ को 413 करोड़ की सौगात, CM योगी बोले- जनता का पैसा जनहित में ही होगा खर्च
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम में महापौर के तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर लखनऊवासियों को बड़ी विकास सौगात दी। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 413 करोड़ रुपये की 342 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। साथ ही “स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ” से जुड़ी पुस्तिका का विमोचन भी किया गया और विकास कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता ने पहली बार प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों में भाजपा के मेयर चुने और सभी नगर निगमों में भाजपा का बोर्ड बनाया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में नगर निगमों ने विकास और स्वच्छता के क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की कमियों और भ्रष्टाचार के प्रभाव को खत्म करने में भी समय लगा।
सीएम योगी ने कहा कि विकास कार्यों पर खर्च होने वाला पैसा जनता का है और उसका उपयोग केवल जनहित में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार केवल उस धन का उचित नियोजन करती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा के अनुसार विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
स्वच्छता को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ नगर निगम को स्वच्छता रैंकिंग में देशभर में तीसरा स्थान मिला है और अब इसे पहले स्थान तक पहुंचाना लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकार या कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। लोगों से गीला और सूखा कूड़ा अलग रखने, सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा करने की अपील की गई।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने व्यवस्था और स्वच्छता को लेकर कटाक्ष भी किया। उन्होंने कहा कि जब सरकार की कार्यप्रणाली साफ-सुथरी होती है तो उसका असर शहर की व्यवस्था और साफ-सफाई में भी दिखाई देता है। साथ ही उन्होंने सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था का जिक्र करते हुए सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर भी टिप्पणी की।

