
Vat Savitri Vrat 2026: वट सावित्री पूजा में करें इन मंत्रों का जाप, जानें व्रत के दौरान क्या खाना माना जाता है शुभ
Vat Savitri Vrat हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए रखा जाता है। मान्यता है कि माता सावित्री ने अपने तप, भक्ति और संकल्प से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे, तभी से यह व्रत आस्था और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इस दिन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा करती हैं, धागा बांधकर परिक्रमा लगाती हैं और विशेष मंत्रों का जाप करती हैं ताकि परिवार में सुख-शांति बनी रहे।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार Vat Savitri Vrat के दौरान “ॐ नमः शिवाय”, “ॐ सावित्र्यै नमः” और “ॐ वटवृक्षाय नमः” जैसे मंत्रों का श्रद्धा से जाप करना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इन मंत्रों के उच्चारण से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वैवाहिक जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। पूजा के समय महिलाएं फल, फूल, रोली, अक्षत और मिठाई अर्पित कर वट वृक्ष की परिक्रमा करती हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
व्रत के दौरान खानपान को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार फलाहार, दूध, दही, सूखे मेवे और सात्विक भोजन का सेवन शुभ माना जाता है। कई महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत भी रखती हैं, जबकि कुछ फल और हल्के सात्विक आहार का सेवन करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि व्रत के दौरान शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी और पौष्टिक चीजों का सेवन करना जरूरी है। इस पावन अवसर पर मंदिरों और पूजा स्थलों में भी विशेष आयोजन देखने को मिलते हैं और महिलाएं पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं।

