रिटायरमेंट पर जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह का बड़ा फैसला, GPF के ₹1.01 करोड़ PM CARES को देने का ऐलान

रिटायरमेंट पर जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह का बड़ा फैसला, GPF के ₹1.01 करोड़ PM CARES को देने का ऐलान

 

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने अपनी सेवानिवृत्ति के मौके पर समाज और राष्ट्र के प्रति योगदान से जुड़े दो महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की। 17 सितंबर 2026 को आयोजित विदाई समारोह में उन्होंने कहा कि अपने जनरल प्रोविडेंट फंड यानी GPF से मिलने वाली पूरी राशि प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपात स्थिति राहत कोष यानी PM CARES Fund में दान करेंगे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, यह रकम करीब ₹1.01 करोड़ है।

जस्टिस सिंह ने अपने विदाई संबोधन में कहा कि आधिकारिक गणना के अनुसार उन्हें GPF से लगभग 1 करोड़ 1 लाख रुपये मिलने की उम्मीद है और राशि प्राप्त होते ही वह इसे राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से PM CARES Fund को देने का संकल्प लेते हैं।

पत्नी के साथ देहदान का भी संकल्प

जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने यह भी बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी इंदिरा सिंह ने मृत्यु के बाद अपने शरीर मेडिकल शिक्षा और वैज्ञानिक कार्यों के लिए दान करने का संकल्प लिया है। दोनों ने सेवानिवृत्ति से दो दिन पहले एक मेडिकल कॉलेज के माध्यम से इसके लिए पंजीकरण कराया था। रिपोर्टों के अनुसार, देहदान और GPF की राशि दान करने का विचार उनकी पत्नी की ओर से भी सुझाया गया था।

जस्टिस सिंह ने अपने संबोधन में समाज के प्रति जिम्मेदारी को केवल व्यक्तिगत आस्था तक सीमित न रखने की बात कही और कहा कि मानवता तथा समाज के लिए योगदान देना भी महत्वपूर्ण है।

‘रिटायरमेंट अंत नहीं, नए अध्याय की शुरुआत’

विदाई समारोह में जस्टिस सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्ति उनके जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने आगे भी एक अलग मंच के माध्यम से समाज के लिए काम करते रहने की इच्छा जताई।

उन्होंने अपने न्यायिक सफर के दौरान सहयोग देने वाले गुरुओं, वरिष्ठ न्यायाधीशों, कोर्ट कर्मचारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। अपने संबोधन में उन्होंने बचपन की कठिन परिस्थितियों और अपनी मौसी के सहयोग को भी याद किया।

31 मई 1990 से शुरू हुआ न्यायिक सफर

जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने 31 मई 1990 को सिविल जज क्लास-II के रूप में न्यायिक सेवा की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में न्यायिक पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं। वह छतरपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश और धार के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश भी रहे।

1 मई 2023 को उन्होंने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। 17 सितंबर 2026 को करीब 36 साल की न्यायिक सेवा पूरी करने के बाद वह सेवानिवृत्त हुए।

रिटायरमेंट पर जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह का बड़ा फैसला, GPF के ₹1.01 करोड़ PM CARES को देने का ऐलान

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने अपनी सेवानिवृत्ति के मौके पर समाज और राष्ट्र के प्रति योगदान से जुड़े दो महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की। 17 सितंबर 2026 को आयोजित विदाई समारोह में उन्होंने कहा कि अपने जनरल प्रोविडेंट फंड यानी GPF से मिलने वाली पूरी राशि प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपात स्थिति राहत कोष यानी PM CARES Fund में दान करेंगे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, यह रकम करीब ₹1.01 करोड़ है।

जस्टिस सिंह ने अपने विदाई संबोधन में कहा कि आधिकारिक गणना के अनुसार उन्हें GPF से लगभग 1 करोड़ 1 लाख रुपये मिलने की उम्मीद है और राशि प्राप्त होते ही वह इसे राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से PM CARES Fund को देने का संकल्प लेते हैं।

पत्नी के साथ देहदान का भी संकल्प

जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने यह भी बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी इंदिरा सिंह ने मृत्यु के बाद अपने शरीर मेडिकल शिक्षा और वैज्ञानिक कार्यों के लिए दान करने का संकल्प लिया है। दोनों ने सेवानिवृत्ति से दो दिन पहले एक मेडिकल कॉलेज के माध्यम से इसके लिए पंजीकरण कराया था। रिपोर्टों के अनुसार, देहदान और GPF की राशि दान करने का विचार उनकी पत्नी की ओर से भी सुझाया गया था।

जस्टिस सिंह ने अपने संबोधन में समाज के प्रति जिम्मेदारी को केवल व्यक्तिगत आस्था तक सीमित न रखने की बात कही और कहा कि मानवता तथा समाज के लिए योगदान देना भी महत्वपूर्ण है।

‘रिटायरमेंट अंत नहीं, नए अध्याय की शुरुआत’

विदाई समारोह में जस्टिस सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्ति उनके जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने आगे भी एक अलग मंच के माध्यम से समाज के लिए काम करते रहने की इच्छा जताई।

उन्होंने अपने न्यायिक सफर के दौरान सहयोग देने वाले गुरुओं, वरिष्ठ न्यायाधीशों, कोर्ट कर्मचारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। अपने संबोधन में उन्होंने बचपन की कठिन परिस्थितियों और अपनी मौसी के सहयोग को भी याद किया।

31 मई 1990 से शुरू हुआ न्यायिक सफर

जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने 31 मई 1990 को सिविल जज क्लास-II के रूप में न्यायिक सेवा की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में न्यायिक पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं। वह छतरपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश और धार के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश भी रहे।

1 मई 2023 को उन्होंने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। 17 सितंबर 2026 को करीब 36 साल की न्यायिक सेवा पूरी करने के बाद वह सेवानिवृत्त हुए।

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