
‘रेट पूछे गए थे…’ बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, ‘पितृसत्ता’ के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर उन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। राहुल गांधी ने 22 अगस्त को पुणे में आयोजित कार्यक्रम के दौरान युवाओं और महिलाओं के बीच ‘Smash the Patriarchy’ यानी ‘पितृसत्ता को खत्म करो’ का मुद्दा उठाया था। अब बांसुरी स्वराज ने इसी नारे को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस पर सवाल खड़े किए हैं।
बांसुरी स्वराज ने कहा कि वह पितृसत्ता को खत्म करने की बात से पूरी तरह सहमत हैं, लेकिन राहुल गांधी से उनका सवाल है कि क्या यह नारा केवल पुणे के मंच तक ही सीमित है या फिर कांग्रेस के भीतर भी इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी एक तरफ महिलाओं के अधिकार और पितृसत्ता के खिलाफ बात करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ कांग्रेस में राजनीतिक पितृसत्ता को संरक्षण दिया जाता है।
‘पुणे के मंच तक सीमित है नारा?’
बांसुरी स्वराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अगर राहुल गांधी वास्तव में पितृसत्ता के खिलाफ हैं तो उन्हें अपनी पार्टी के भीतर भी उसी सिद्धांत को लागू करना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी पर देश में एक नया ‘झूठा नैरेटिव’ बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
बीजेपी सांसद ने कहा कि राहुल गांधी के पास कोई सकारात्मक एजेंडा या विजन नहीं है और उनकी रिसर्च टीम की ओर से दिए गए मुद्दों के आधार पर वह युवाओं और मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
कंगना रनौत के मामले का भी किया जिक्र
बांसुरी स्वराज ने अपने हमले में बीजेपी सांसद कंगना रनौत से जुड़े 2024 के विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कंगना रनौत को बीजेपी की ओर से मंडी लोकसभा सीट से टिकट मिला था, तब कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत के सोशल मीडिया अकाउंट से उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी।
बांसुरी ने दावा किया कि उस समय राहुल गांधी ने इस मामले पर चुप्पी साधे रखी थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद इस मामले में शिकायत की थी। इसी संदर्भ में उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘रेट पूछा गया था…’ वाली टिप्पणी का जिक्र किया।
हेमा मालिनी और द्रौपदी मुर्मू का भी उठाया मुद्दा
बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस नेताओं की ओर से अतीत में की गई विवादित टिप्पणियों का भी हवाला दिया। उन्होंने अप्रैल 2024 में रणदीप सुरजेवाला की ओर से बीजेपी सांसद हेमा मालिनी को लेकर की गई टिप्पणी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया।
इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी की तत्कालीन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर की गई विवादित टिप्पणी का भी उल्लेख किया। बांसुरी ने सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में कांग्रेस नेतृत्व ने पितृसत्ता और महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर क्या रुख अपनाया था।
राहुल गांधी पर दोहरे मापदंड का आरोप
बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि महिलाओं के सम्मान और पितृसत्ता के खिलाफ लड़ाई की बात की जा रही है तो इसका दायरा राजनीतिक सुविधा के अनुसार सीमित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने धर्म और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर भी राहुल गांधी से सवाल किए और शाह बानो मामले तथा तीन तलाक कानून का संदर्भ देते हुए कांग्रेस के पुराने रुख पर सवाल उठाए।
महिला अधिकारों को लेकर तेज हुई राजनीतिक बहस
राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम के बाद ‘पितृसत्ता’ का मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। राहुल गांधी जहां युवाओं और महिलाओं के बीच इस मुद्दे को उठाकर सामाजिक बदलाव की बात कर रहे हैं, वहीं बीजेपी उनके बयान को कांग्रेस के राजनीतिक रिकॉर्ड के संदर्भ में चुनौती दे रही है।
बांसुरी स्वराज का ताजा हमला इसी राजनीतिक बहस को आगे बढ़ाता है। फिलहाल यह साफ है कि ‘Smash the Patriarchy’ का नारा अब सिर्फ सामाजिक मुद्दे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी का नया मुद्दा बन गया है।

