
चमोली टनल हादसे का निरीक्षण करने जा रहे BJP सांसद अनिल बलूनी की गाड़ी पर गिरा पत्थर
उत्तराखंड के चमोली में टनल हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान के बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। हादसे का जायजा लेने और प्रभावित लोगों से मिलने जा रहे गढ़वाल से BJP सांसद अनिल बलूनी की गाड़ी पर पहाड़ से अचानक एक बड़ा पत्थर आ गिरा। घटना देवप्रयाग से पहले तोता घाटी के पास बताई जा रही है।
अचानक पहाड़ से बोल्डर गिरने के बाद सांसद की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, गनीमत रही कि अनिल बलूनी इस हादसे में बाल-बाल बच गए। घटना के बाद उन्होंने दूसरी गाड़ी से अपना सफर जारी रखा और चमोली के लिए रवाना हो गए।
चमोली टनल हादसे का जायजा लेने जा रहे थे बलूनी
अनिल बलूनी सड़क मार्ग से पीपलकोटी होते हुए चमोली के टनल हादसे वाले इलाके में जा रहे थे। उनका उद्देश्य घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ-साथ हादसे से प्रभावित लोगों और राहत-बचाव अभियान में जुटी टीमों की स्थिति का जायजा लेना था।
इसी दौरान तोता घाटी के पास पहाड़ से अचानक भारी पत्थर नीचे गिरा और उनकी गाड़ी के पास आ गया। पत्थर की चपेट में आने से वाहन को नुकसान पहुंचा, लेकिन सांसद को कोई चोट नहीं आई।
हादसे के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बलूनी दूसरी गाड़ी से आगे के लिए रवाना हो गए।
चमोली टनल में जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
इस बीच चमोली की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। 13 अगस्त को हुई इस घटना के बाद टनल के भीतर मजदूरों के फंसने की सूचना मिली थी। प्रशासन, NDRF और SDRF की टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
हादसे के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी घटनास्थल पर पहुंचे और टनल के अंदर जाकर बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को रेस्क्यू ऑपरेशन में पूरी ताकत लगाने और प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
पहाड़ी इलाकों में लगातार चुनौती बनी भूस्खलन की घटनाएं
अनिल बलूनी की गाड़ी के पास पत्थर गिरने की घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान आने वाली चुनौतियों को सामने ला दिया है। उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन के दौरान पहाड़ी सड़कों पर अचानक बोल्डर गिरने का खतरा बना रहता है।
चमोली हादसे के बीच राहत और बचाव दलों के लिए भी मौसम और पहाड़ी भूगोल चुनौती बन रहा है। ऐसे में घटनास्थल तक पहुंचने वाले अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी बेहद सावधानी के साथ आवाजाही करनी पड़ रही है।
बाल-बाल बचे BJP सांसद
फिलहाल अनिल बलूनी सुरक्षित हैं और पत्थर गिरने की घटना के बाद दूसरी गाड़ी से चमोली के लिए रवाना हो चुके हैं। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है।
वहीं, चमोली टनल में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। प्रशासन और बचाव दलों की प्राथमिकता अभी भी टनल में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है।
चमोली में एक तरफ टनल हादसे के बाद जिंदगी बचाने की जंग जारी है, तो दूसरी तरफ सांसद अनिल बलूनी की गाड़ी पर पत्थर गिरने की घटना ने पहाड़ी रास्तों के जोखिम को भी उजागर कर दिया है।

