
35 की उम्र के बाद मां बनने का है प्लान? सरोगेसी से जुड़े मिथक और जरूरी बातें
आज के समय में करियर, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत कारणों से कई महिलाएं 35 वर्ष की उम्र के बाद मां बनने की योजना बनाती हैं। ऐसे में सरोगेसी को लेकर लोगों के मन में कई तरह की गलतफहमियां होती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सरोगेसी कोई “आसान विकल्प” नहीं, बल्कि एक चिकित्सकीय प्रक्रिया है, जिसे विशेष परिस्थितियों में ही अपनाया जाता है।
डॉक्टरों के अनुसार, 35 साल के बाद गर्भधारण की संभावना कम हो सकती है और कुछ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं। हालांकि, सही समय पर जांच, स्वस्थ जीवनशैली और विशेषज्ञ की सलाह से कई महिलाएं सामान्य तरीके से भी मां बन सकती हैं। यदि किसी कारणवश गर्भधारण संभव न हो, तभी चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद सरोगेसी पर विचार किया जाता है।
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि सरोगेसी से जुड़ी सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि इसमें आनुवंशिक संबंध नहीं होता, जबकि जेस्टेशनल सरोगेसी में बच्चे का जेनेटिक संबंध इच्छुक माता-पिता से ही हो सकता है। इसलिए किसी भी निर्णय से पहले योग्य स्त्री रोग विशेषज्ञ और फर्टिलिटी एक्सपर्ट से परामर्श लेना बेहद जरूरी है। सही जानकारी और समय पर चिकित्सा सलाह ही सुरक्षित मातृत्व की दिशा में सबसे बड़ा कदम है।

