
कोसी का कटाव बना 120 परिवारों की मुसीबत, 33 साल से विस्थापन की राह देख रहा उत्तराखंड का गांव
उत्तराखंड में कोसी नदी का कटाव एक बार फिर ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता बन गया है। हर मानसून के साथ नदी का बढ़ता जलस्तर और तेज कटाव गांव के करीब पहुंच जाता है, जिससे करीब 120 परिवारों पर खतरा मंडराने लगता है। बरसात के मौसम में लोग हर दिन डर के साए में जीने को मजबूर हैं और अपने घरों व जमीन को बचाने की चिंता में रहते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले 33 वर्षों से सुरक्षित स्थान पर विस्थापन की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने मांग उठाई गई, लेकिन हर साल मानसून आने पर वही हालात दोहराए जाते हैं। नदी का लगातार कटाव खेती की जमीन और मकानों को भी नुकसान पहुंचा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़ा नुकसान हो सकता है। ग्रामीण सरकार और प्रशासन से सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास तथा कटाव रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा कार्यों की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पूरे इलाके में मानसून के दौरान लोगों की चिंता बढ़ी हुई है और सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

