
25 लाख के फर्जी लोन घोटाले में EOW की बड़ी कार्रवाई, 6 साल से फरार दो आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) उत्तर प्रदेश ने 25 लाख रुपये के फर्जी लोन घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अरविन्द सिंह और मोहम्मद सलीम के रूप में हुई है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने सुनियोजित साजिश के तहत एक महिला की संपत्ति के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर इलाहाबाद बैंक की कैसरबाग शाखा से 25 लाख रुपये की सीसी लिमिट स्वीकृत कराई और रकम हड़पने के बाद फरार हो गए। इस मामले में EOW की टीम काफी समय से आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।
जांच के अनुसार, लखनऊ की वृंदावन योजना निवासी मंजू देवी के मकान के मूल बैनामा दस्तावेज गुम हो गए थे। आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर अभियुक्तों ने उनकी जानकारी और अनुमति के बिना फर्जी दस्तावेज तैयार किए तथा बैंक से 25 लाख रुपये का लोन प्राप्त कर लिया। जब लोन की अदायगी नहीं हुई और धोखाधड़ी का मामला सामने आया तो वर्ष 2020 में रायबरेली के बछरांवा थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में उच्च न्यायालय के आदेश पर मामले की विवेचना EOW को सौंप दी गई।
EOW की विस्तृत जांच में दोनों आरोपी धोखाधड़ी और जालसाजी के दोषी पाए गए। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी, लेकिन आरोपी पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे। आखिरकार 9 जून 2026 को EOW लखनऊ की टीम ने विशेष अभियान चलाकर अरविन्द सिंह को आलमबाग क्षेत्र से तथा मोहम्मद सलीम को ठाकुरगंज क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत कार्रवाई की जा रही है। EOW अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।

