
सुल्तानपुर: विजय नारायण हत्याकांड में पुलिस अफसरों के कार्य व्यवहार से कोर्ट नाराज, पुलिस अफसरों के रिपोर्ट पेश नहीं करने पर अवसर समाप्त,पुलिस अफसरों के खिलाफ पड़ी है अर्जी
*विजय नारायण हत्याकांड में पुलिस अफसरों के कार्य व्यवहार से कोर्ट नाराज, पुलिस अफसरों के रिपोर्ट पेश नहीं करने पर अवसर समाप्त,पुलिस अफसरों के खिलाफ पड़ी है अर्जी*
*सीजेएम नवनीत सिंह की कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक को भेजा आदेश*
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सुल्तानपुर। विजय नारायण सिंह हत्याकांड से जुड़े मात्र एक आरोपी के खिलाफ चार्जशीट भेजने एवं अन्य अन्य नामजदो के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद उसे नजरअंदाज कर उन्हें जानबूझकर क्लीनचिट देने के आरोप से जुड़े मामले में कोर्ट के बार-बार आदेश के बावजूद कोतवाली पुलिस एवं विभाग के उच्चाधिकारी आख्या पेश कर पाने में असफल रहे। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह की अदालत ने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस अधिकारियों के जरिये पेश की जाने वाली आख्या का अवसर समाप्त कर दिया है।बृहस्पतिवार को सामने आए आदेश में अदालत ने मामले में पुलिस की लगातार लापरवाही को देखते हुए अगली कार्रवाई बढ़ाने के लिए दो जुलाई की तारीख तय की है। अदालत ने जारी आदेश की प्रति आरोपी पुलिस ऑफिसर सीमा सरोज एवं पुलिस अधीक्षक को भी भेजने का आदेश जारी किया है।
कोतवाली नगर के नारायनपुर के रहने वाले सतीश नारायण सिंह ने सात अप्रैल साल 2024 को स्थानीय कोतवाली में पल्लवी होटल के सामने अपने भाई विजय नारायण सिंह की गोली मारकर हुई हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में पुलिस ने अंबेडकर नगर जिले के महरुआ के रहने वाले नामजद आरोपी अजय सिंह सिलावट के खिलाफ चार्जशीट पेश किया था, जिसके खिलाफ एडीजे प्रथम की अदालत में ट्रायल चल रहा है। शेष नामजद आरोपी दीपक मिश्रा, जयंत मिश्रा,विनय तिवारी व अन्य को विवेचक सीमा सरोज व अन्य अफसरों की जांच में क्लीनचिट दे दी गई है,हालांकि अन्य आरोपियो ने स्वयं को बेकसूर होने का दावा किया है। मृतक के भाई सतीश नारायण सिंह ने घटना से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज संम्बधित चार डीबीआर, आरोपियों की कॉल डिटेल रिपोर्ट व अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को नजरअंदाज करते हुए आरोपियों को लाभ पहुंचाने की मंशा से विवेचना करने का आरोप लगाते हुए पुलिस आफिसर सीमा सरोज सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग किया है। जिसके बारे में लगातार रिपोर्ट मांगने के बावजूद भी लापरवाही बरतने पर सीजेएम कोर्ट ने बड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट से जारी निर्देशो व व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए अगला कदम उठाने का फैसला लिया है।

