सीजेएम कोर्ट ने लापरवाही पर विवेचक से किया जवाब-तलब
एसपी से अग्रसारित कराकर विवेचक को पेश करना है स्पष्टीकरण
सुलतानपुर। फर्जीवाड़ा कर हिबानामा कराने एवं जमीन कब्जाने समेत अन्य आरोपो से जुड़े मामले में तलब की गई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट नियत तिथि पर पेश नहीं करने पर सीजेएम नवनीत सिंह की अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को सामने आए इस आदेश में अदालत ने विवेचक अविनाश चंद्र से जवाब-तलब किया है। अदालत ने विवेचक को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट कोर्ट में नहीं भेजने की वजह का खुलासा करते हुए एसपी से अग्रसारित कराकर स्पष्टीकरण पेश करने का आदेश दिया है। मामले में सुनवाई के लिए 16 अप्रैल की तारीख तय की गई है।

कोतवाली नगर के गांधीनगर मोहल्ले के रहने वाले अभियोगी हौसिला प्रसाद ने प्राथमिकी दर्ज कराने को लेकर सीजेएम कोर्ट में अर्जी पेश किया है। उनके आरोप के मुताबिक कोतवाली देहात थाने के अहिमाने गांव में उनके पिता ने साल 2008 में ऊषा देवी से जमीन का बैनामा लिया था। आरोप के मुताबिक कोतवाली देहात थाने के अहिमाने गांव निवासी चंद्रावती ने अपने पुत्र मनोज साहू के पक्ष में फर्जीवाड़ा कर गलत चौहद्दी दर्शाते हुए एक हिबानामा गत पहली जुलाई साल 2025 को कर दिया और इसी आधार पर वादी की जमीन हड़प लेना चाहते हैं। मामले में पुलिस से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर अभियोगी ने कोर्ट की शरण लिया है। सीजेएम कोर्ट ने मामले में प्रारंभिक जांच का आदेश दिया था और नगर कोतवाल के माध्यम से रिपोर्ट तलब किया था। मामले की जांच विवेचक अविनाश चन्द्र को मिली,जिन्हें नियत तिथि पर जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया गया था। फिलहाल विवेचक अविनाश चंद्र ने मामले में लापरवाही बरतते हुए नियत तिथि पर रिपोर्ट नहीं पेश किया,नतीजतन कोर्ट ने विवेचक से जवाब-तलब किया है।

