
‘सरकार की वजह से वाश आउट हुआ मानसून सत्र’, धर्मेंद्र यादव ने लगाए आरोप
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मानसून सत्र के वाश आउट होने के लिए सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कराने से बचती रही और अपनी सुविधा के मुताबिक सदन चलाना चाहती थी।
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि विपक्ष लगातार जनता से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाने की कोशिश करता रहा, लेकिन सरकार की ओर से उन मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं कराई गई। उनके मुताबिक, अगर सरकार वास्तव में सदन चलाना चाहती तो विपक्ष की मांगों पर चर्चा के लिए रास्ता निकाला जा सकता था।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
सपा सांसद ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार अपनी सुविधा और सहूलियत के हिसाब से संसद की कार्यवाही चलाना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से सरकार पीछे हटती रही।
धर्मेंद्र यादव के बयान के मुताबिक, संसद केवल विधेयक पारित करने की जगह नहीं है, बल्कि यहां जनता से जुड़े सवालों पर सरकार से जवाब मांगना भी विपक्ष का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष सवाल उठाता है तो सरकार को उसका जवाब देना चाहिए।
मानसून सत्र में लगातार हुआ हंगामा
मानसून सत्र के दौरान कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने रहे। सदन की कार्यवाही के दौरान कई बार नारेबाजी और हंगामा देखने को मिला। विपक्ष की ओर से अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की मांग की गई, जबकि सरकार की ओर से विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने के आरोप लगाए गए।
संसदीय कार्य मंत्री की ओर से भी सरकार का पक्ष रखते हुए कहा गया कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। इस बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी रहा।
सरकार का विपक्ष पर पलटवार
सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष पर आरोप लगाया गया कि वह संसद की कार्यवाही चलने नहीं दे रहा और राजनीतिक मुद्दों को लेकर लगातार हंगामा कर रहा है। इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था और कहा था कि सरकार संसद में NEET सहित छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।
वहीं विपक्ष का कहना है कि सरकार सिर्फ चर्चा के लिए तैयार होने की बात कहती है, लेकिन जिन मुद्दों पर विपक्ष जवाब चाहता है, उन पर वास्तविक चर्चा कराने से बचती है।
‘जिम्मेदारी सरकार की है’—धर्मेंद्र यादव
धर्मेंद्र यादव ने अपने बयान के जरिए साफ संकेत दिया कि समाजवादी पार्टी मानसून सत्र में संसद की कार्यवाही बाधित होने की जिम्मेदारी विपक्ष पर लगाए जाने से सहमत नहीं है। उनका कहना है कि सरकार को विपक्ष की आवाज सुननी चाहिए थी और जनता से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करानी चाहिए थी।
उनके इस बयान के बाद संसद में हुए गतिरोध को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। अब सवाल यह है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच यह टकराव आने वाले सत्र में भी जारी रहेगा या दोनों पक्ष किसी साझा समाधान तक पहुंचेंगे।
कुल मिलाकर, मानसून सत्र को लेकर ‘किसकी वजह से सदन नहीं चला’ की राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सरकार जहां विपक्ष को जिम्मेदार ठहरा रही है, वहीं धर्मेंद्र यादव जैसे विपक्षी नेता इसका ठीकरा सरकार पर फोड़ रहे हैं।

